संवाद न्यूज़ एजेंसी
रोहतक। जन शिक्षा को बचाने के लिए बुधवार को सरकार की जन शिक्षा विरोधी नीतियों के विरोध में हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ संबद्ध सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा एवं स्कूल टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शिक्षा, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर किया गया। राज्य प्रधान धर्मेंद्र ढांडा की अध्यक्षता में हुए प्रदर्शन में हजारों शिक्षकों ने भाग लिया।
शिक्षक संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। पिछले एक महीने से दिए गए नोटिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन के साथ भी कहासुनी हुई। महासचिव प्रभु सिंह एवं उप महासचिव कृष्ण नैन ने बताया कि यह प्रदर्शन केंद्रीयकृत, 8 साल से जेबीटी की ट्रांसफर न करने, अवैज्ञानिक व संविधान के मूल्यों को पोषित न करने वाली राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को वापस लेने, बंद किए गए 4801 स्कूलों को पुन: खोलने, पुरानी पेंशन बहाल करने, गरीबों को शिक्षा से वंचित करने वाली आत्मघाती चिराग योजना को वापस लेने आदि मांगों को लेकर किया।
राज्य प्रधान धर्मेंद्र ढांडा ने बताया कि पिछले 8 वर्षों से प्रतीक्षा कर रहे जेबीटी शिक्षकों सहित सभी वर्गों के सामान्य तबादले किए जाए,खाली पदों पर शीघ्र स्थाई भर्ती की जाए, मॉडल संस्कृति स्कूलों में भी शिक्षा अधिकार अधिनियम का पालन किया जाए। सुदर्शन, जगतार, विजयपाल ने भी अपनी बात रखी। प्रदर्शन को सर्व कर्मचारी संघ के महासचिव नरेश कुमार, पेंशन बचाओ संघर्ष समिति के प्रधान विजेंद्र धारीवाल, सुशील गुज्जर, कृष्ण पीडब्ल्यूडी, जयप्रकाश शास्त्री, रामपाल,रमेश चहल व विजय शारीरिक संघर्ष समिति के नेताओं ने भी संबोधित किया। ी