हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का कहना है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की दुकान खाली बताने वालों की दुकान ही नहीं है। उन्होंने रविवार को आईएमटी स्थित समाधि स्थल पर अपने पिता स्व. रणबीर सिंह हुड्डा को जयंती पर श्रद्धांजलि देने के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नायब सैनी के कांग्रेस की दुकान खाली बताने के सवाल का जवाब दिया।
हुड्डा ने दावा किया राजस्थान, मध्यप्रदेश व छतीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनेगी। तेलंगाना में भी संभावना बन रही है। मौके पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष उदयभान व कांग्रेस के गोहाना, बेरी, झज्जर व रोहतक के विधायक व अन्य कांग्रेसी नेता भी मौजूद रहे।
कहा कि उनके पिता रणबीर सिंह हुड्डा संविधान को सबसे बड़ी उपलब्धि मानते थे। संविधान ने देश के हर नागरिक को बराबर का अधिकार और अभिव्यक्ति की आजादी दी है। उनका जन्म 26 नवंबर 1914 को हुआ था और यह सुखद संयोग है कि आज ही के दिन संविधान दिवस भी मनाया जाता है। आजादी के संघर्ष के दौरान उनके पिता अंग्रेजों की 8 अलग-अलग जेलों में कैद रहे।
इनमें से 4 जेल आज भारत में हैं और 4 पाकिस्तान चली गई हैं। वह हरियाणा क्षेत्र (पंजाब प्रांत) से संविधान सभा के इकलौते सदस्य थे। उन्होंने ही सबसे पहले 1948 में संविधान सभा के भीतर किसानों के लिए एमएसपी का प्रस्ताव रखा था। रणबीर सिंह हुड्डा लोकतंत्र के इतिहास में सर्वाधिक 7 अलग-अलग सदनों के सदस्य रहे।
इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह डूमरखां, झज्जर विधायक गीता भुक्कल, बेरी से रघुबीर सिंह कादियान, रोहतक विधायक बीबी बतरा, गोहाना से विधायक जगबीर सिंह, महेंद्रगढ़ से विधायक राव दान सिंह और महम के पूर्व विधायक आनंद सिंह दांगी, दादरी से पूर्व विधायक सतपाल सांगवान, सोनीपत से सुरेंद्र पंवार, बरोदा से विधायक इंदुराज नरवाल, पलवल से पूर्व विधायक कर्ण सिंह दलाल व अन्य कांग्रेसी नेताओं ने भी श्रद्धांजलि दी।
इसके अलावा समाधि स्थल के अलावा भूपेंद्र सिंह हुड्डा महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय परिसर भी पहुंचे। यहां उन्होंने चौ. रणबीर सिंह के साथ संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर को भी नमन कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में लगाई गई एक फोटो प्रदर्शनी में भी शिरकत की।