प्रदेश में हमारी सरकार होती तो इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन जेवर में नहीं महम में होता। इस बारे में काफी प्रयासों के बावजूद महम में मंजूर कराया एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के जेवर में चला गया और सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। महम में यह एयरपोर्ट हिसार व भिवानी जिलों के बीच में होता। इससे न केवल युवाओं को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिलता, बल्कि उद्योग भी बढ़ते। यह हरियाणा के विकास में मील का पत्थर साबित होता। यह कहना है राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा का। वे वीरवार को जेवर में एयरपोर्ट का उद्घाटन होने के बाद बयान दे रहे थे। सांसद ने अपने बयान में कहा कि एयरपोर्ट के अलावा सोनीपत की रेल कोच फैक्टरी व बाढ़सा एम्स परिसर में बनने वाले 11 संस्थान भी अब तक पूरे हो चुके होते। भाजपा ने महम से सिर्फ हवाई अड्डा ही नहीं छीना है, बल्कि हरियाणा के लोगों से रोजगार का मौका भी छीन लिया। वर्ष 2014 से हम संसद समेत हर स्तर पर आवाज उठाते रहे हैं। इसमें दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के समकक्ष मंजूरशुदा महम इंटरनेशनल एयरपोर्ट को हर हाल में हरियाणा में ही स्थापित करना मुख्य रहा। हरियाणा की वर्तमान सरकार ने इसे दूसरे प्रदेश में भेजे जाने का कोई विरोध नहीं किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने प्रदेश के विकास के लिए कई बड़े व महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट मंजूर कराए थे। इन्हें या तो बंद कर दिया गया या फिर छीनकर अन्य प्रदेशों में भेज दिया गया है। हरियाणा से एक-एक कर सारे प्रोजेक्ट जाते रहे। सरकार मुंह पर ताला लगाए बैठी है। सरकार सो रही है या डरी हुई है। ऐसा नहीं होता तो प्रदेश से ड्रीम प्रोजेक्ट जाने के बावजूद सरकार चुप नहीं रहती। वर्तमान सरकार को हरियाणा के विकास से कोई लेना-देना नहीं है। लोगों का विश्वास तोड़कर बने इस अनैतिक गठबंधन का लक्ष्य केवल झूठ और लूट है।