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गुरु सेवा गोविंद का ही कार्य है: सिद्धार्थ औलिया

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रोहतक। ओशोधारा का पहला तल ध्यान योग कर चुके ओशोधारा मैत्री संघ रोहतक के नए साधक समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया से मिलने ओशोधारा नानक धाम मुरथल आश्रम पहुंचे। समर्थगुरु ने उनको अध्यात्म में पहला कदम रखने पर बधाई दी और कहा कि आप जो भी कर्म करें उसका निष्कामना से आनंद लें। गुरुसेवा में किया जाने वाला कोई भी कार्य गोविंद का ही कार्य होता है। देशभर में 21 से ज्यादा स्थानों पर 17 से 19 मई को होने वाले दूसरे तल के प्रोग्राम सुरती योग के लिए उन्होंने साधकों को आमंत्रण दिया। 19 मई को स्पेशल सेशन में 12:00 बजे समर्थगुरु स्वयं ऑनलाइन आकर अध्यात्म के गूढ़ रहस्य खोलेंगे। इस मौके पर आचार्य मदन, साहिबा, रमेश खुराना, डॉ. परमवीर, अनाहत, ओंकार, अजय देशवाल, भारत भूषण भारद्वाज, पावेल, मोनिका, आशा, पूर्णिमा व समर्थगुरु सचिव मीराबाई आदि मौजूद रहे।
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