सोनीपत। पेरिस पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता धर्मबीर नैन का रविवार को गांव भदाना पहुंचने पर स्वागत किया गया। ग्रामवासियों ने ढोल नगाड़े व डीजे पर जमकर नाचे और पुष्प वर्षा कर धर्मबीर नैन का अभिनंदन किया। खेल प्रेमी वाहनों के काफिला के साथ धर्मबीर नैन को रुपयों की माला पहनाकर कार में बैठा झरोठी टोल प्लाजा से गांव भदाना लेकर पहुंचे। धर्मबीर नैन ने पेरिस पैरालंपिक की पुरुष स्पर्धा क्लब थ्रो एफ-51 में 4 सितंबर को स्वर्ण पदक जीता था।
भीम अवार्डी धर्मबीर का स्वदेश लौटने पर खेल प्रेमियों ने डीजे की धुन पर झूमते हुए स्वागत किया। धर्मबीर नैन ने बताया कि स्वर्ण पदक जीतने पर जो खुशी हुई थी, ग्रामवासियों से सम्मान पाकर वह दोगुनी हो गई है। देश के लिए ओलंपिक में पदक जीतना हर खिलाड़ी का सपना होता है। इसके लिए वह 2015 से जी जान से मेहनत कर रहे थे। पैरालंपिक में यह स्वर्ण पदक एक दिन का नहीं आठ साल की मेहनत का नतीजा है। उन्होंने स्वर्ण पदक पूरा श्रेय परिवार व गुरु पैरालंपियन अमित सरोहा को दिया। बिना परिवार की मदद व गुरु के मार्गदर्शन के यह मुकाम हासिल करना मुश्किल था। समारोह में नैन खाप दनौदा के प्रधान रघुबीर ने पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता धर्मबीर नैन को चांदी का मुकुट पहनाकर सम्मानित किया। स्वागत समारोह के दौरान खिलाड़ी सुनील फोगाट, महावीर, सत्यप्रकाश, मास्टर जगदेव, दादा कर्णसिंह व पूर्व सरपंच उमेद सिंह मौजूद रहे।
धर्मबीर ने पूरा किया सपना : अमित सरोहा
पैरालंपियन अर्जुन अवार्डी अमित सरोहा ने बताया कि हम 16 साल से पैरालंपिक में पोडियम पर जाने के लिए मेहनत कर रहे थे, आज धर्मबीर ने यह सपना पूरा किया है। भले ही मैं पोडियम पर नहीं पहुंच सका, धर्मबीर के पदक जीतने की मुझे ज्यादा खुशी है। मेरे लिए इससे बड़ी कोई गुरु दक्षिणा नहीं हो सकती। आगे हम ज्यादा बेहतर करने की कोशिश करेंगे। दो माह आराम के बाद विश्व चैंपियनशिप की तैयारी में जुट जाएंगे।