बैठक के दौरान मौजूद हरियाणा परिवहन कर्मचारी संघ के सदस्य। स्रोत : कर्मचारी संघ
रोहतक। सरकार रोडवेज विभाग का निजीकरण करना चाहती है और लगभग 265 रूटों पर प्राइवेट परमिट देना चाहती है। इसके विरोध में 22 सितंबर 2023 को प्रधान सचिव परिवहन विभाग का सभी डिपो में पुतला फूंका जाएगा और साझा मोर्चा द्वारा दो अक्तूबर को रोहतक में राज्यस्तरीय सम्मेलन बुलाकर बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी। यह एलान रविवार को हरियाणा परिवहन कर्मचारी संघ व जननायक कर्मचारी मजदूर संघ की रोहतक डिपो यूनियन कार्यालय में संपन्न हुई बैठक में किया गया। बैठक की अध्यक्षता राज्य महासचिव महाराणा ने की। बैठक का संचालन डिपो प्रधान राजेश पंघाल ने किया।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों की मांंगों को लेकर गंभीर नहीं है। 23 जून को परिवहन मंत्री व प्रधान सचिव परिवहन विभाग की अध्यक्षता में हरियाणा रोडवेज साझा मोर्चा की मीटिंग हुई थी, इसमें बहुत सी मांगों पर सहमति बनी थी जोकि अभी तक लागू नहीं की गई है। डिपो सचिव अनिल धनखड़ ने व राज्य महासचिव अमित महाराणा ने बताया कि सरकार की मनमानी नहीं चलने देंगे। वह 265 रूटों को और निजी हाथों में सौंपना चाहती है। 23 जून को परिवहन मंत्री की बैठक में जिन मांगों पर सहमति बनी थी, सरकार समय रहते इन सभी मांगों का अब परिपत्र जारी करे।
इस मौके पर डिपो चेयरमैन शिवकुमार, उप प्रधान राजेश गोरड, नवीन प्रवीण डागर, रिंकू, कंवरपाल, सोनू, प्रमोद, दलबीर, अमित, मनदीप, जय भगवान आदि उपस्थित रहे।