रोहतक। नई शिक्षा नीति के नाम पर महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में पांच गुना बढ़ाई गई फीस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने तुरंत वापस लेने की मांग की है। प्रदेश सरकार पर हार से बौखलाने व नौजवानों से हार का बदला लेने के लिए यह कदम उठाने का भी आरोप लगाया है।
सांसद ने जारी बयान में कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा को व्यापार बनाकर गरीब परिवारों के होनहार बच्चों की उच्च शिक्षा का सपना चूर-चूर कर रही है। छात्रों और बेरोजगार युवाओं में सरकार के खिलाफ रोष है। यही कारण था कि इस लोकसभा चुनाव में युवाओं ने सरकार के खिलाफ वोट डाला और 90 में 46 सीटों पर कांग्रेस को जीत दिलाई। इन नतीजों को हरियाणा की भाजपा सरकार स्वीकार नहीं कर पाई और अब तक प्रतिशोध की आग में जल रही है।
सांसद ने कहा कि फीस वृद्धि के नाम पर प्रदेश के विद्यार्थियों से खुली लूट की जा रही है। भाजपा सरकार आम परिवारों के बच्चों के लिए यूनिवर्सिटी के दरवाजे बंद करना चाहती है। एक तरफ प्रदेश के 182 सरकारी कॉलेजों में प्राध्यापकों के 7986 पद मंजूर हैं, लेकिन वर्तमान में 3368 ही मौजूद हैं, यानि मांग के अनुरूप करीब 4618 पद खाली हैं। ब्यूरो