बेरी। ब्राह्मण धर्मशाला में राष्ट्र संत उत्तर भारतीय प्रवर्तक आचार्य सुभद्र मुनि महाराज ने अपने मुनि संघ के साथ मंगल पदार्पण किया। आचार्य सुभद्र मुनि महाराज का बेरी में पहुंचने पर अभिनंदन किया गया। आचार्य सुभद्र मुनि महाराज ने कहा कि संसार में मानव जीवन की प्राप्ति होना दुर्लभ है। मानव जीवन आपको मिला है। उसमें मानवीय गुणों का विकास करो। मानवता से ही जीवन दुर्लभ है, जिनके पास नेत्र नहीं है, वह आंख की कीमत जानता है। जो कानों से सुन नहीं पाते, वे कानों का मूल्य जानते हैं। इसी तरह मुख की कीमत है। मानव जीवन में संपूर्ण शक्ति प्राप्त है। इनका सदुपयोग करो। उन्होंने कहा कि जिन को मानव इंद्रियां प्राप्त हुई, उनका सदुपयोग नहीं किया, समय व्यतीत हो जाता है। मानव जीवन व्यर्थ हो जाता है। मानव जीवन में प्रेम की भावना रखो। अपने सद्व्यवहार के महत्व को जीवन में स्थान दो। श्रद्धालु अजय, बंटी, लवकेश, ऋषभ, युवराज, राजेंद्र वर्मा ने आचार्य सुभद्र मुनि महाराज का अभिनंदन किया। इस मौके पर अमित मुनि, विकास मुनि, बंसत मुनि, ऋषभ मुनि आदि ने अपने विचार रखे।