रोहतक। शहर की ड्रेन नंबर 8 की झाड़ियों से एक बच्ची मिली है। किसी ने उसे मरने के लिए नाले में फेंका था। डंपिंग स्टेशन में कूड़ा फेंकने गए नगर निगम के एक सफाई कर्मचारी ने बच्ची के रोने की आवाज सुनकर उसे ड्रेन से सुरक्षित निकाला। इसे पीजीआईएमएस में भर्ती करा दिया गया है। इसे मामले की शिकायत पुलिस को दे दी गई है। बच्ची की पहचान या परिजनों का देर रात तक कुछ पता नहीं लगा था।
बुधवार शाम को नगर निगम का सफाई कर्मचारी सुनील डंपिंग स्टेशन पर कूड़ा डालने गया था। वहां से लौटते समय वह ड्रेन नंबर 8 के पास लघुशंका के लिए रुका। इस दौरान उसे बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। ड्रेन में अंदर की तरफ जाकर झाड़ियों में झांका तो एक बच्ची नजर आई। इसे किसी तरह झाड़ियों से सुरक्षित निकाला। उसके चेहरे पर कुछ कचरा पड़ा था। इसे हटाया तो बच्चे का चेहरा दिखाई दिया। बाद में पता लगा कि यह करीब एक साल की बच्ची है। इसे किसी ने ड्रेन में फेंक दिया था। गनीमत रही कि बच्ची सुरक्षित मिली। उसे किसी तरह की परेशानी नहीं हुई।
फतेहपुरी कॉलोनी निवासी सुनील ने बताया कि बच्ची के बारे में पुलिस को सूचना दे दी गई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया व बच्ची को पीजीजीआईएमएस में भर्ती कराया है। यहां उसकी स्वास्थ्य जांच की गई। जांच में वह स्वस्थ पाई गई है। फिलहाल यहीं उसकी देखभाल की जा रही है।