विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में खेलने से वंचित बॉक्सर बेटियों की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई की, संघ ने याचिकाकर्ता का नाम आरक्षित उम्मीदवार के रूप में विचार करने का निर्देश दिया। सोमवार को केस की अगली सुनवाई होगी।
विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप खेलने से वंचित प्रदेश की बॉक्सर बेटियों की याचिका पर मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई की। अदालत ने पक्षों की दलीलों की सुनवाई करते हुए बाॅक्सिंग फेडरेशन की दलीलों पर असंतुष्टि जाहिर की है।
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अधिवक्ता संदीप लांबा ने बताया कि अदालत ने केस की सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फेडरेशन की दलीलों से संतुष्ट नहीं होने की बात कही है। अदालत ने उन्हें आंतरिक मूल्यांकन पत्रक प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। सोमवार को केस की अगली सुनवाई करते हुए मामला सूचीबद्ध करने को कहा गया है। फेडरेशन ने भी याचिकाकर्ता का नाम संबंधित भार वर्ग आरक्षित उम्मीदवार के रूप में विचार करने का निर्देश दिया है।
बता दें विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में अपना चयन नहीं होने पर प्रदेश की तीन बॉक्सर बेटियों ने बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) को पत्र लिखा था। इसमें 48 घंटे में स्थिति स्पष्ट करते हुए जवाब मांगा था। जवाब नहीं मिलने पर अदालत में याचिका दायर करने की चेतावनी दी गई थी।
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संघ से 48 घंटे के बाद भी संतुष्टिजनक जवाब नहीं मिलने पर बॉक्सर बेटी रिठाल फौगाट निवासी मंजू रानी, रिठाल नरवाल निवासी शिक्षा व हिसार निवासी पूनम ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इसे अदालत ने मंजूर करते हुए मंंगलवार को सुनवाई की। अब अगली सुनवाई सोमवार को होगी।