रोहतक। प्रतिबंध के बावजूद नहरों में धड़ल्ले से गणेश प्रतिमाओं को विसर्जन हुआ। पुलिस की रोक-टोक के बावजूद श्रद्धालु नहर में विसर्जन से बाज नहीं आए। वे पुलिस से छिपकर ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिमा विसर्जन किया। वहीं शहर में विसर्जन के दौरान काफी संख्या में महिला व पुरुष व बच्चों ने भाग लिया। विसर्जन जुलूस गोकर्ण स्थित तालाब पर संपन्न हुआ। यहां मूर्ति विसर्जन के दौरान मूर्तियां पैरों में न पड़े और कोई डूबने न पाए इसको लेकर नगर निगम के कर्मचारियों की तैनाती की गई है। निगम कर्मचारियों की श्रद्धालुओं के बातों पर ध्यान न देने पर उन्होंने पुलिस से उन्हें समझाने को कहा। कर्मचारियों को आरोप है पुलिस ने उन्हें सीधे, काम करना है तो करो नहीं तो यहां से चले जाने का फरमान सुना दिया। इसके बाद वह भी ड्यूटी से हटकर पानी से बाहर आकर बैठ गए। कई महिला कर्मचारियों ने मोबाइल पर समय बिताया। इसके बाद महामंडलेश्वर बाबा कपिल पुरी को इसकी सूचना मिली। उन्होंने पुलिस और निगम कर्मचारियों में सुलह कराई। इसके बाद दोनों ही अपने काम में मुतमईन हो गए।
वर्जन
सुरक्षा के लिए जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा। नहर पर विसर्जन पर आने वालों को समझाकर वापस भेजा गया। फिर भी हो सकता है कोई नजर बचाकर विसर्जन कर गया हो। इस तरह की जानकारी सामने नहीं आई है। -रवि खुंडिया, डीएसपी, हेडक्वार्टर