रोहतक। सरकार को अपने वादे के अनुसार किसान की सूरजमुखी की फसल एमएसपी पर खरीदनी चाहिए। किसान लगातार 25 दिनों से अपनी सूरजमुखी को मंडियों में लेकर आ रहा है और खरीद में देरी हो रही है। सूरजमुखी का एमएसपी 6400 रुपये प्रति क्विंटल है मगर बाजार में 4100 से 4300 रुपये प्रति क्विंटल तक फसल बिक रही है। यह आरोप हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष व हरियाणा कान्फेड के पूर्व चेयरमैन बजरंग गर्ग ने आढ़ती व किसानों से बातचीत करने के उपरांत सरकार पर लगाए हैं।
उन्होंने बताया कि काफी किसानों ने मजबूरी में अपनी फसल बेची है। सरकार ने एक जून से सूरजमुखी खरीदने का फरमान जारी किया था। अब सरकार सूरजमुखी खरीद की बजाए भावांतर योजना के तहत किसानों को 1000 रुपये प्रति क्विंटल देने की बात कह रही है। जबकि सूरजमुखी का बाजार भाव 4100 रुपये प्रति क्विंटल है और 1000 रुपये प्रति क्विंटल भावांतर योजना के तहत सरकार किसानों को देगी। दोनों मिलाकर 5100 रुपये प्रति क्विंटल बनता है जबकि सूरजमुखी का एमएसपी 6400 रुपये होने से किसानों को सूरजमुखी पर 1300 रुपये प्रति क्विंटल नुकसान उठाना पड़ेगा। इससे किसानों आढ़तियों में रोष है।
गर्ग ने कहा कि इसी प्रकार बाजरा का एमएसपी 2350 रुपये प्रति क्विंटल था। सरकार बाजरा खरीदने की बजाएं 500 रुपये प्रति क्विंटल भावांतर योजना के तहत बाजरा पर किसानों को दिया। बाजार में बाजरा की कीमत 1000 से 1200 रुपये प्रति क्विंटल तक थी। इसी प्रकार किसानों को बाजरे में पर भी 600 से 800 रुपये प्रति क्विंटल तक का नुकसान उठाना पड़ा है।