रोहतक। जिले में चार हजार परिवार जल्द 'सरकारी गरीब' बनेंगे, जिनको नागरिक संसाधन सूचना विभाग (क्रीड) के एसएमएस से इसकी सूचना मिलेगी। क्योंकि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बीपीएल कार्ड बनाने की सालाना बिजली बिल की समय सीमा नौ हजार से बढ़ाकर 12 हजार कर दी है। अब क्रीड को मुख्यालय से नोटिफिकेशन का इंतजार है। एक सप्ताह के अंदर एसएमएस आने की संभावना है।
प्रदेश रारकार ने एक जनवरी से परिवार पहचान पत्र को सरकारी योजनाओं से जोड़ दिया था। साथ ही पहचान पत्र में अगर किसी की सालाना आय एक लाख 80 हजार रुपये से ज्यादा है तो उसे बीपीएल व आयुष्मान कार्ड का पात्र नहीं माना जाता गया। क्रीड ने परिवार पहचान पत्र के माध्यम से बिजली निगम, बैंक, आयकर विभाग, पंचायत विभाग, समाज कल्याण विभाग व राजस्व विभाग से डाटा लेकर मिलान किया। जिस परिवार की वार्षिक आय एक लाख 80 हजार से ज्यादा मिली तो उसकी सुविधा बंद कर दी गई थी। जिले में 4 हजार के करीब कार्ड कट गए थे। हालांकि कुछ नए बीपीएल कार्ड भी बने थे।
निगम में तीन माह से लगी भीड़, सबसे ज्यादा बिजली बिल से कटे कार्ड
राशन कार्ड कटने से तीन माह से नगर निगम में हर रोज लोगों की भीड़ लग रही है। लोग आय में संशोधन कराने के लिए आवेदन कर रहे हैं। प्रारंभिक तौर पर जमा हुए परिवार पहचान पत्र में संशोधन के लिए 2534 आवेदन जमा हुए। पहले 1200 आवेदनों की जांच की तो पता चला था कि बिजली का बिल ज्यादा होने से सबसे ज्यादा राशन कार्ड या आयुष्मान कार्ड कटे थे।
जिले में एक लाख छह हजार बीपीएल परिवार
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर माह में 1 लाख 6 हजार 326 बीपीएल परिवार थे। इसके साथ ही विभाग ने 5 हजार के करीब खाकी राशन कार्ड खत्म कर दिए थे। उनको भी बीपीएल में शामिल किया गया। इसके बाद जनवरी माह माह से क्रीड सिस्टम लागू किया। ऐसे में बीपीएल के जिने कार्ड कम हुए थे, पात्र खाकी कार्ड धारक उसमें शामिल करने से संख्या कम नहीं हुई। अब भी एक लाख छह हजार से ज्यादा बीपीएल परिवार हैं।
जिस परिवार का राशन कार्ड कटा था, उसे पता होगा कि वजह क्या रही। अगर बिजली बिल की सीमा ज्यादा होने से कार्ड कटा है तो उन परिवारों को एसएमएस आएगा, जिनका बिजली का बिल साल में 12 हजार या इससे कम आता है।
जगदीश चंद्र, सीपीओ, नगर निगम
स्ट्रीट वेंडर के लिए 12 ने कराया पंजीकरण, कॉल करके बना रहा निगम
उधर, स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी के तहत नगर निगम के सीपीओ कार्यालय में बुधवार को 12 लोग पहुंचे और अपना नए सिरे से पंजीकरण कराया। अब विभाग उनको बैंकों से लोन दिलवाएगा। साथ ही निगम उन परिवारों को दोबारा बुला रहा है, जिनके आवेदन बैंकों ने रद्द कर दिए थे। निगम के सीपीओ जगदीश चंद्र का कहना है कि आम लोग 15 मई तक कार्यालय में आकर अपने दस्तावेज जमा करवा सकता है। उनका टारगेट ज्यादा से ज्यादा पात्र लोगों को बैंक से लोन दिलवाना रहेगा।