पूर्व सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर व महम से विधायक बलराज कुंडू के बीच खींचतान अब सड़क से अदालत पहुंच गई है। ग्रोवर ने लीगल नोटिस का जवाब न मिलने पर बुधवार को सीजेएम आशीष शर्मा की अदालत में मानहानि का केस दायर कर दिया। इसमें आईपीसी की धारा 499 व 500 के तहत महम के विधायक बलराज कुंडू के खिलाफ आरोप लगाए हैं।
मामले की सुनवाई 20 मार्च को होनी है। उधर, विधायक कुंडू का कहना है कि मैं अदालत का सम्मान करता हूं। कानूनी तरीके से कोर्ट में पूर्व मंत्री की याचिका का जवाब दिया जाएगा। याद रहे कि 3 जनवरी को महम के विधायक बलराज कुंडू ने पूर्व मंत्री ग्रोवर के खिलाफ मोर्चा खोला था। कुंडू ने मीडिया के सामने सार्वजनिक तौर पर न केवल पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए, बल्कि फरवरी 2016 के जाट आरक्षण आंदोलन में भी नाम लिया था।
इसके जवाब में ग्रोवर के वकील राकेश कुमार सपड़ा ने 24 जनवरी को विधायक कुंडू को लीगल नोटिस दिया था, जिसका 15 दिन में जवाब देने के लिए कहा था। आरोप लगाया था कि मनीष ग्रोवर न केवल 2014 से सरकार में सहकारिता मंत्री रहे, बल्कि शहरी निकाय विभाग में स्वतंत्र राज्य मंत्री का कार्यभार भी था।
वे भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य भी हैं। अब 26 फरवरी को पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर की तरफ से सीजेएम आशीष शर्मा की अदालत में आईपीसी की धारा 499 व 500 के तहत मानहानि की याचिका दायर की। अदालत ने याचिका को सुनवाई के लिए मंजूर कर लिया है, 20 मार्च को सुनवाई होगी।
मैं अदालत का सम्मान करता हूं। कानूनी तरीके से कोर्ट में पूर्व मंत्री की याचिका का जवाब दिया जाएगा। अगर ग्रोवर खुद को निर्दोष मानते हैं तो सार्वजनिक मंच पर आकर बहस कर जवाब दें। साथ ही एसआईटी की जांच का सामना करें। - बलराज कुंडू, विधायक महम