फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rohtak News: पीजीआईएमएस के पूर्व निदेशक डॉ. आरके गुप्ता की बढ़ी मुश्किलें

विज्ञापन
विज्ञापन
रोहतक। पीजीआईएमएस के पूर्व निदेशक डॉ. आरके गुप्ता की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। क्योंकि संस्थान नियम सात के तहत उन्हें कभी भी चार्जशीट थमा सकता है। इस संबंध में संस्थान के विधि विभाग ने अपना पक्ष दे दे दिया है। चिकित्सक के खिलाफ लगे आरोपों पर रोहतक कोर्ट ने पहले ही पीजीआईएमएस थाना एसएचओ से 202 की रिपोर्ट दोबारा पेश करने के निर्देश दे रखे हैं। हालांकि सीएम विंडो पर इस संबंध में लगी शिकायत पर संस्थान ने जवाब दिया था कि वह डॉक्टर के खिलाफ ईसी में कार्रवाई करेंगे। इस पर सीएम विंडो ने फिर जवाब मांगा है कि कार्रवाई क्या हुई है, इसकी जानकारी दें। शामली निवासी ईशा अली ने बताया कि संस्थान में उनके साथ हुए अन्याय की शिकायत उन्होंने रोहतक कोर्ट, सीएम विंडो आदि कई स्थानों पर कर रखी थी। मंगलवार को वह आरटीआई की सुनवाई के दौरान रोहतक आए थे। उनकी शिकायत पर जज ने पीजीआईएमएस पुलिस से इस मामले में 202 की रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने सीएम विंडो पर शिकायत लगा रखी थी, इसके जवाब में संस्थान ने पूर्व निदेशक पर कार्रवाई करने के लिए ईसी की बैठक का हवाला दिया था की बैठक के बाद कार्रवाई तय हो सकती है। इस पर सीएम विंडो ने आब्जेक्शन लगा दिया था। अब इस पर अंतिम जवाब मांगा गया है कि कार्रवाई क्या की गई है, इसकी जानकारी दें। इसके साथ ही उनकी शिकायत पर डीएमईआर ने भी वर्तमान निदेशक से कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। गौरतलब है कि ईशा अली ने अपनी बेटी का ऑपरेशन 2018 में पीजीआईएमएस में कराया था। ऑपरेशन में प्रयोग हुआ इम्पलांट तय कीमत से अधिक महंगा दिया गया। अधिक कीमत वसूलने के लिए शिकायतकर्ता को डराया, धमकाया गया। इसकी शिकायत पीड़ित ने कई जगह की है। वहीं पूर्व निदेशक ने संस्थान में वीआरएस के लिए आवेदन किया हुआ है। जब उनसे संपर्क करने के लिए फोन किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
विज्ञापन

हाई कोर्ट में चल रहे इम्प्लांट मामले में ईशा अली भी शामिल
पीजीआईएमएस ने हाईकोर्ट में चल रहे इम्प्लांट मामले में शिकायतकर्ता ईशा अली को भी जोड़ दिया है। ऐसे में ऑर्थो विभाग की मुश्किल बढ़ जाएंगी। क्योंकि ईशा अली की दो अहम जांच रिपोर्ट केस में अहम रोल अदा करेंगी। इसमें सेवानिवृत जज आरपी भसीन व सेवानिवृत आईएएस अधिकारी आरके वर्मा की जांच रिपोर्ट लगा दी गई हैं। ईशा अली को केस से जोड़ने की अपील को हाईकोर्ट ने भी मंजूरी दे दी है। वहीं ईशा अली ने बताया कि वह न्याय की लड़ाई अंतिम सांसों तक लड़ेगा।
विज्ञापन

202 की रिपोर्ट कोर्ट ने मांगी है। जांच के बाद उसे पेश कर दिया जाएगा। यह 20 अप्रैल को जमा होनी है।
- प्रमोद गौतम, एसएचओ, पीजीआईएमएस
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें