रोहतक। प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा केंद्र पीजीआई के ट्रामा सेंटर की व्यवस्था अब फॉरेंसिक साइंस विभाग के हाथों में है। यहां का काम सुचारू बनाने के लिए विभाग के चिकित्सकों का ड्यूटी रोस्टर तैयार कर लिया गया है। इसी कड़ी में फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. जितेंद्र जाखड़ की देखरेख में नई व्यवस्था के तहत एमएलआर काटी जानी शुरू कर दी गई है। ट्रामा सेंटर के डीजीएमओ (सीएमओ) डॉ. इमरान खान की डेढ़ लाख की रिश्वत मामले में गिरफ्तारी के बाद एमएलआर में फर्जीवाड़े के खेल का सनसनीखेज खुलासा हुआ है।
पीजीआई के ट्रामा सेंटर में अब फॉरेंसिक विभाग के डॉक्टर रोस्टर के अनुसार ड्यूटी देंगे। संस्थान प्रबंधन के निर्देश पर घायलों की एमएलआर में गड़बड़ी को रोकने के उद्देश्य से निष्पक्ष व पारदर्शी रिपोर्ट काटने के लिए यह व्यवस्था बनाने का दावा किया गया है। यही नहीं, अब पहले की एमएलआर रिपोर्ट की भी पड़ताल भी की जाएगी। इसी कड़ी में संस्थान प्रबंधन से कुछ एमएलआर फॉरेंसिक विभाग को भेजी गई हैं। इनकी पड़ताल में कुछ गड़बड़ियों का अंदेशा बना है। इसे पुष्ट करने के लिए फॉरेंसिक विभाग के अध्यक्ष ने ट्रामा सेंटर की सभी एमएलआर एक साथ मांगी हैं। इनकी जांच के बाद ही कुछ स्पष्ट कहा जा सकता है। अलग-अलग रिपोर्ट के आधार पर कुछ भी स्पष्ट रूप से कहना मुश्किल है।
विजिलेंस ने छह जनवरी को किया था डीजीएमओ को गिरफ्तार
विजिलेंस ने पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर के डीजीएमओ को छह जनवरी को 1.50 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था। झगड़े के एक केस में अदालत में एमएलआर के तहत जीवन के लिए घातक राय देने के नाम पर 2.30 लाख रुपये रिश्वत मांगी गई थी। बाद में सौदा 1.50 लाख रुपये में तय हुआ। इस बारे में सेक्टर-35 निवासी मनदीप हुड्डा ने विजिलेंस के डीएसपी को शिकायत दी थी।
नववर्ष समारोह पर हुआ था झगड़ा
पुलिस को दी शिकायत में मनदीप ने कहा है कि 31 दिसंबर की रात को वह अपने दोस्तों के साथ दिल्ली बाईपास के पास स्थित एक बार में नए साल की पार्टी कर रहा था। यहां महेंद्रगढ़ के बापडोली निवासी डॉ. अजय ग्रेवाल व उसके साथियों के साथ झगड़ा हो गया। इस संबंध में दोनों पक्षों की ओर से थाना अर्बन स्टेट में शिकायत देने पर पांच जनवरी को केस दर्ज कर लिए गए। थाना अर्बन स्टेट पुलिस ने डॉ. अजय ग्रेवाल के सिर में चोट का मनदीप के खिलाफ केस दर्ज किया। इसमें डॉ. अजय ग्रेवाल की एमएलआर पीजीआई में ट्रॉमा सेंटर के सीएमओ डॉ. इमरान खान ने काटी। इस मामले में शिकायतकर्ता ने सीएमओ से बात की तो उसने 2.30 लाख रुपये रिश्वत मांगी। यह राशि नहीं मिलने पर एमएलआर में डेंजर टू लाइफ की राय देने की धमकी दी। इस बारे में शिकायतकर्ता ने सीएमओ से 1.50 लाख रुपये में समझौता कर लिया।
ट्रामा सेंटर मामले के बाद प्रशासन ने फॉरेंसिक विभाग को यहां की जिम्मेदारी दी है। इसके तहत नई व्यवस्था बनाते हुए डॉ. जितेंद्र जाखड़ की देखरेख में डॉक्टरों का ड्यूटी रोस्टर तैयार कर दिया गया है। एमएलआर निष्पक्ष व पारदर्शी ढंग से काटने और गड़बड़ी पर अंकुश के लिए यह कदम उठाया गया है। साथ ही मामले की जांच के लिए प्रशासन से सभी एमएलआर एक साथ मांगी गई है। इसके बाद ही कुछ स्पष्ट रूप से कहने की स्थिति बन पाएगी।
डॉ. एसके धत्तरवाल, अध्यक्ष, फॉरेंसिक साइंस विभाग, पीजीआई