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Rohtak: क्राइम कंट्रोल का नया प्लान, अब सॉफ्टवेयर से नाकों की चेकिंग की होगी क्रॉस चेकिंग

Fri, 16 Sep 2022 04:11 AM IST
भूपेंद्र सिंह विजेंद्र कौशिक, अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)

सार

रात के समय नाकों की जांच करने वाले पुलिस अधिकारियों की सुबह एसपी की टेबल पर जियो लोकेशन पहुंच जाएगी। सभी डीएसपी, एसएचओ व दूसरे आला अधिकारियों के मोबाइल नंबर नाइट चेकिंग साफ्टवेयर से जोड़े गए हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा के रोहतक जिले में अपराध पर नियंत्रण के लिए पुलिस प्रशासन ने एक नाइट चेकिंग साफ्टवेयर तैयार किया है, जिससे पुलिस के आला अधिकारियों के मोबाइल नंबर जोड़े गए हैं। इसमें डीएसपी से लेकर थाना प्रभारी तक शामिल किए गए हैं। रात में किस अधिकारी ने कहां-कहां नाकों की जांच की, इसकी जियो लोकेशन सुबह एसपी की टेबल पर पहुंच जाएगी। 

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प्रदेश के अंदर रोहतक को सियासी राजधानी माना जाता है, जहां से उठने वाले मुद्दे का असर पूरे प्रदेश में होता है। ऐसे में रोहतक जिले में अपराध पर नियंत्रण करना पुलिस के लिए बहुत जरूरी है। लेकिन लूटपाट की वारदात नहीं थम रही हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के रोहतक आगमन से ठीक एक दिन पहले बुधवार को 24 घंटे के अंदर तीन वारदात हुईं।

सेक्टर में जहां आइसक्रीम विक्रेता से सेक्टर तीन की पुलिया पर कार सवार मोबाइल फोन व आठ हजार रुपये छीनकर ले गए तो मदीना पेट्रोल पंप पर कार सवार 1800 रुपये का तेल डलवाकर फरार हो गया था। तीसरी वारदात ओल्ड आईटीआई के पास हुई थी, जहां बाइक सवार दो युवक कांग्रेस विधायक भारत भूषण बतरा के पीए मुलकराज धवन की पत्नी ललिता धवन की चेन तोड़कर फरार हो गए थे। 
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रुपया चौक व ड्रेन नंबर आठ पर लगेगा स्थायी नाका
एसपी ने क्राइम कंट्रोल करने के लिए झज्जर चुंगी के पास रुपया चौक व भिवानी रोड पर ड्रेन नंबर आठ के पास स्थायी नाका बनाने का निर्णय लिया है। दोनों स्थायी निर्माण करके सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। पुलिसकर्मी भी 24 घंटे तैनात रहेंगे। हर रोज पुलिस 32 नाके लगाती है, जिसकी लोकेशन योजना के तहत बदलती रहती है। 

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डीएसपी स्तर के अधिकारी के पास रहती है नाकों की जांच की जिम्मेदारी  
जिला पुलिस में एसपी के अलावा तीन एएसपी, चार डीएसपी व एक दर्जन इंस्पेक्टर हैं। आला अधिकारियों के अलावा सभी थाना प्रभारी अपने क्षेत्र में रात को गश्त करते हैं। गश्त के दौरान नाकों पर तैनात पुलिसकर्मियों की हाजिरी ली जाती है। कौन कब और कहां तैनात है, किस अधिकारी ने कहां-कहां और किस समय नाकों की जांच की, इसके लिए एक साफ्टवेयर बनाया गया है। 
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रात को पुलिस के आला अधिकारियों की नाकों की जांच की जिम्मेदारी रहती है। किस अधिकारी ने कब और किस नाके की जांच की, इसके लिए नाइट चेकिंग साफ्टवेयर बनाया गया है। हर रोज जियो लोकेशन रिपोर्ट आ जाएगी। साथ ही क्राइम कंट्रोल करने के लिए सरप्राइज नाके भी लगाए जाएंगे। -उदय सिंह मीना, एसपी रोहतक

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