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Rohtak News: अदालत में चली हत्याकांड की फुटेज, आरोपी की जमानत याचिका खारिज

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रोहतक। गांधी कैंप में तीन साल पहले हुए जोगेंद्र उर्फ जुग्गी हत्याकांड के आरोपी संजय चावला की जमानत एएसजे आरके यादव की अदालत ने वीरवार को खारिज कर दी। बहस के दौरान पीड़ित पक्ष की तरफ से अदालत में वारदात की सीसीटीवी फुटेज चलाई। साथ ही आरोप लगाया कि संजय सीधे गोलियां चला रहा है। दूसरा, वारदात का मुख्य आरोपी अनिल उर्फ सोनू भी दो दिन की जमानत के बाद वापस नहीं लौटा।
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पीड़ित पक्ष के वकील पीयूष गक्खड़ ने बताया कि जून 2020 में जेल से बाहर आए जोगेंद्र उर्फ जुग्गी की गांधी कैंप में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस संबंध में पीजीआईएमएस थाने में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ था कि गांधी कैंप निवासी राजेंद्र उर्फ टीटू सुनार की साल 2003 में हत्या की गई थी। मृतक के पिता चौधरी राम की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ था। वारदात के 6 माह बाद चौधरी राम की हत्या की हत्या हो गई। इस केस में जोगेंद्र उर्फ जुग्गी को अदालत से उम्रकैद की सजा हुई थी। जून 2020 में जोगेंद्र पैरोल पर आया हुआ था। आरोप है कि टीटू के लड़के सोनू ने पुरानी रंजिश के चलते अपने साथी संजय चावला, अरुण उर्फ चवन्नी व अन्य के साथ मिलकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
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हाईकोर्ट से मिल गई थी जमानत, फुटेज दिखाकर पीड़ित पक्ष ने बताई अरुण की मुख्य भूमिका
मामले में आरोपी अरुण को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। उसी जमानत को आधार बनाकर बचाव पक्ष ने अदालत में अरुण की जमानत के लिए याचिका दायर की थी। लेकिन पीड़ित पक्ष ने अदालत को हत्याकांड की फुटेज दिखाकर बताया कि संजय पर सीधी गोलियां चलाने का आरोप है, जबकि अरुण तो स्कूटी पर बैठा हुआ है। ऐसे में दोनों की अलग-अलग भूमिका है। इसके बाद अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
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