रोहतक। अमृत योजना को लेकर सरकारी आश्वासन समिति के अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक भारत भूषण बतरा ने वीरवार को कैनाल रेस्ट हाउस में अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में चंडीगढ़ से आए विशेष अधिकारी की मौजूदगी में योजना से जुड़े अधिकारियों ने भरोसा दिया कि 30 नवंबर तक शहर के पांच जलघर चालू हो जाएंगी। इसमें पहरावर व कन्हेली का जलघर भी शामिल है। इतना ही नहीं, बोहर मालवान, गढ़ी बोहर, बलियाना, खोखराकोट, सुनारिया खुर्द व सुनारिया कलां का बूस्टिंग स्टेशन 15 अक्टूबर तक चालू हो जाएगा।
वर्ष 2018 में केंद्र सरकार ने अमृत योजना के तहत रोहतक शहर का चयन किया। 331 करोड़ की लागत से पानी व सीवरेज व्यवस्था पर खर्च किए जाने थे। योजना को 18 माह में पूरा किया जाना था, लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हो सका है। नगर निगम के सूत्रों का कहना है कि 331 करोड़ में से निगम 330 करोड़ की राशि का ठेकेदारों को भुगतान कर चुका है। इसमें 194 करोड़ सीवर व 107 करोड़ पेजयल का कार्य करने वाले ठेकेदार को दिए जा चुके हैं। अब मात्र 30 करोड़ रुपये की राशि बची हुई है। योजना पर काम वर्ष 2022 में ही पूरा होना था, लेकिन अब तक चार बार उसकी समय सीमा बढ़ाई जा चुकी है। वीरवार को कांग्रेस विधायक भारत भूषण बतरा की अध्यक्षता में कैनाल रेस्ट हाउस में अमृत योजना से जुड़े विभागों की बैठक हुई। बैठक में विधायक ने कहा कि अधिकारी सुनिश्चित करें कि तय समय सीमा में काम पूरा हो जाए।
इस दौरान नगर निगम आयुक्त जितेंद्र कुमार, पीडब्ल्यूडी के एसई सुखबीर सिंह, जन स्वास्थ्य विभाग के एसई आरके शर्मा, नगर निगम के एसई श्याम सिंह एवं अर्बन लोकल बॉडी के चीफ इंजीनियर अशोक राठी भी मौजूद रहे।
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ज्वाइंट जांच कमेटी पता लगाए खामियों का, ताकि दूर किया जा सके
बैठक में विधायक के सवाल पर विभाग के अधिकारियों ने कहा कि सीवरेज लाइन का लेवल ठीक नहीं है। इस पर विधायक ने कहा कि दोनों विभागों की संयुक्त जांच कमेटी बनाई जाए, ताकि कमियों को पता लगाकर दूर किया जा सके।
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कन्हेली रोड के डेयरी काॅम्प्लेक्स पर खर्च होंगे 15.76 करोड़, विशाल नगर की सड़क का मुद्दा भी उठा
बैठक में नगर निगम के अधिकारियों ने कहा कि कन्हेली रोड स्थित डेयरी काॅम्प्लेक्स के विकास के लिए 15.76 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसकी मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है। विधायक ने अधिकारियों से विशाल नगर के सामने की सड़क के निर्माण को लेकर भी सवाल किया। साथ ही सड़क के लेवल, बारिश के पानी की निकासी और सीवर व्यवस्था पर भी जवाब मांगा।