देश में कोरोना के पांच से छह वैरिएंट चल रहे हैं। वहीं, जिले में जिस प्रकार कोरोना संक्रमण ने रफ्तार पकड़ी है उससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह यूके स्ट्रेन है। यह अन्य स्ट्रेनों की तुलना में अधिक तेजी से फैलता है। हालांकि इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है, हो सकता है जिले में मिक्स स्ट्रेन का अटैक चल रहा हो। संक्रमित मरीजों के सैंपल स्ट्रेन जांच के लिए आईसीएमआर दिल्ली भेजे जा रहे हैं। कोवैक्सीन रिसर्च के सह अनुसंधानकर्ता एवं पीजीआईएमएस के सीनियर डॉक्टर रमेश वर्मा ने बताया कि कोरोना के स्ट्रेन का पता करने से अधिक जरूरी है टीकाकरण करवाना और जब तक टीका नहीं लगता तब तक फेस मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग अधिक जरूरी है। कोरोना के 10 मुख्य लक्षण हैं, इसमें हर व्यक्ति के शरीर के हिसाब से अलग-अलग या सभी लक्षण दिखाई दे सकते हैं। स्कूल खुलने के चलते इन दिनों विद्यार्थी अधिक संक्रमित मिल रहे हैं। इसलिए जरूरी है कि ऑनलाइन ही कक्षा लगाएं। स्कूल में शिक्षक बगैर जांच के न जाए या उसका टीकाकरण होना अनिवार्य हो। संक्रमण काल में बच्चों की इम्यूनिटी को बढ़ाना जरूरी है, इससे वह वायरस से आसानी से लड़ पाएंगे। डॉ. वर्मा ने बताया कि जिस प्रकार मरीजों की संख्या बढ़ रही है, उस प्रकार सभी को अलर्ट हो जाना चाहिए। पहले सख्ती की गई, क्योंकि लोगों को पता नहीं था। अब समाज का दायित्व बनता है कि वह स्वयं भी कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकें और समय पर अपनी जांच कराएं।