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पीजीआईएमएस के पांच विभाग कोविड-19 से सीधा लड़ेंगे जंग

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रोहतक। कोविड - 19 के खिलाफ चल रही जंग में पीजीआईएमएस रोहतक के पीसीसीएम, एनेस्थिसिया, मेडिसन, माइक्रोबायोलॉजी, एसपीएम विभाग के डॉक्टरों ने मोर्चा संभाल लिया है। इसके लिए प्रदेश के प्रमुख नोडल अधिकारी डॉ.ध्रूव चौधरी हैं। इन सभी विभागों में सबसे अहम भूमिका एनेस्थिसिया विभाग निभा रहा है। अकेले इस विभाग के 200 से अधिक डॉक्टर मैदान में हैं। विभागों के हिसाब से उनकी जिम्मेदारी पीसीसीएम प्लमोनारी क्रिटिकल केयर यूनिट: यह विभाग सीधा मरीज का उपचार कर रहा है। इसके जिम्मे मरीज की जांच करना, सैंपल करवाना व पूरे प्रदेश के डॉक्टरों की समस्या का समाधान करना है। यह विभाग इस बीमारी से निपटने में एक्सपर्ट है। पूरे कोविड अस्पताल की व्यवस्था करवाना और वहां सभी इंतजाम करवाना भी इसी के जिम्मे है।एनेस्थिसिया विभाग : यह विभाग कोविड 19 की जंग में खास है। अकेले इस विभाग के 200 से अधिक डॉक्टर मैदान में है। इस विभाग के दस डॉक्टर मेवात में मोर्चा संभाल चुके हैं व 40 ने रोहतक में मोर्चा संभाला हुआ है। इस विभाग के जिम्मे आईसीयू चलाना, मरीजों के सैंपल करना, सांस की नली डालना जैसे काम हैं। यह विभाग मरीज के संपर्क में सबसे अधिक रहता है।\ मेडिसन विभाग : चिकित्सा क्षेत्र में मेडिसिन विभाग को मदर यूनिट कहा जाता है। यहीं से सभी एक्सपर्ट अन्य विभागों में जाते हैं। इस विभाग के जिम्मे आईसोलेशन में चल रहे मरीजों की देखरेख करना है। यह विभाग पीसीसीएम विभाग के नेतृत्व में काम करता है। माइक्रो बायोलॉजी की वायरोलॉजी लैब : माइक्रो बायोलॉजी की वायरोलॉजी लैब कोविड 19 के शुरू होते ही सैंपलों की 24 धंटे जांच कर रहा है। संक्रमण फैलने के दौरान अभी तक लगभग 2000 सैंपल जांचें जा चुके हैं। यह यूनिट डॉ. पीएस गिल के नेतृत्व में काम कर रही है। इस विभाग के पास प्रदेश के 11 जिलों के सैंपलों की जांच करना है।एसपीएम विभाग : यह विभाग पीजीआईएमएस में फ्लू क्लीनिक चला रहा है और यहीं पर संस्थान में आने वाले मरीजों की स्क्रीनिंग कर रहा है। इसके अलावा इसके जिम्मे रोहतक के आसपास के चार जिले भी हैं, जोकि इन विभाग के डॉक्टरों को संभालना है।
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