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Rohtak News: नूना माजरा के जोहड़ में मरीं मछलियां, पानी पीने से कई पशु बीमार

Wed, 08 May 2024 04:33 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
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नूना माजरा गांव के जोहड़ में मृत मिली मछलिया।
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बहादुरगढ़। झज्जर-बहादुरगढ़ मार्ग स्थित नूना माजरा गांव के जोहड़ में मछलियां मरने से पानी दूषित हो गया। इस दूषित पानी के पीने से गांव के कई पशु बीमारी की चपेट में आ गए। हालांकि किसानों ने पशुओं का इलाज गांव की गऊशाला उपचार केंद्र पर कराया। इसके बाद पशुओं को बीमारी से राहत मिली है।
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ग्रामीणों ने गांव के सरपंच पर गांव के जोहड़ को बिना किसी बोली के अपने साथी को मछली पालन के देने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों को सरपंच ने सिरे से नकार दिया है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत बहादुरगढ़ में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को भी दी है। शिकायत पर बीडीपीओ उमेद सिंह ने जांच का भरोसा दिलाया है। नूना माजरा गऊशाला उपचार केंद्र के प्रधान मनोज कुमार ने बताया कि उपचार केंद्र में गांव के नवीन, राहुल, सुमित व सूरज अपने पशु बीमार होने के कारण इलाज के लिए यहां लेकर आए थे। उपचार केंद्र के डॉक्टरों द्वारा उनका इलाज किया गया। फिलहाल पशुओं की हालत ठीक है। ग्रामीणों ने उपचार केंद्र के पशु डॉक्टरों को बताया कि गांव के जोहड़ में मछली पालन का कार्य किया जाता है। जोहड़ में कई मछलियां मर गई और उनके पशुओं ने जोहड़ का पानी पीया तो वह बीमारी की चपेट में आ गए। ग्रामीणों ने गांव के सरपंच पर जोहड़ में मछली पालन के लिए अपने साथी को देने के आरोप लगाए हैं। ग्रामीण दीपक का कहना है कि सरपंच ने जोहड़ को बिना बोली के अवैध रूप से अपने साथी को मछली पालन के लिए दिया हुआ है। इसका विरोध ग्रामीणों द्वारा काफी समय से किया जा रहा है, लेकिन सरपंच ने इसे बार-बार अनसुना किया है। इसका खामियाजा आज गांव के पशुपालकों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जोहड़ मछली पालन को देने के लिए इसकी मुनादी भी नहीं करवाई गई। जोहड़ में एक-दो नहीं बल्कि काफी संख्या में मछलियां मर गई हैं। गंदा पानी पीने के कारण ही पशु बीमारी की चपेट में आए हैं। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही जोहड़ की सफाई नहीं करवाई गई तो गांव के पशुओं में भयंकर बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है।


आरोप बेबुनियाद : सरपंच

बिना बोली के जोहड़ मछली पालन के लिए अपने साथी को देने के जो आरोप ग्रामीणों द्वारा लगाए गए हैं। वह बेबुनियाद हैं। उन्होंने किसी को भी जोहड़ मछली पालन के लिए नहीं दिया है। यदि किसी को जोहड़ मछली पालन के लिए दिया जाता है तो इसकी बोली लगवाई जाती है। इसके बाद उन्हें दिया जाता है।
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- जयभगवान, सरपंच, नूना माजरा





नूना माजरा गांव के ग्रामीणों द्वारा गांव का जोहड़ मछली पालन के लिए दिए जाने की शिकायत दी गई है। गांव के जोहड़ में मछलियां मरने और गंदा पानी पीने से गांव के कई पशुओं की बीमार होने की जानकारी मिली है। शिकायत की जांच कराई जाएगी। इसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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- उमेद सिंह, बीडीपीओ, बहादुरगढ़।
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