रोहतक। शोध में सुधार ने एमडीयू को देश व प्रदेश में नई पहचान दी है। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय प्रदेश की 21 स्टेट पब्लिक यूनिवर्सिटी में अव्वल व देश के 450 विश्वविद्यालय में 35वें स्थान पर रहा। हाल के कुछ वर्षों में विवि में शोध क्षेत्र में हुए कार्य के चलते यह उपलब्धी हासिल हुई है। वर्ष 2022 के मुकाबले 2023 में शोध क्षेत्र में 167 प्रतिशत अधिक काम हुआ है। इधर, एमडीयू के फार्मास्युटिकल साइंसेज विभाग 38वें स्थान पर रहा है। यह रैंक फार्मेसी इंस्टीट्यूशंस श्रेणी में मिला है। वहीं आईआईएम को देशभर में 12वां रैंक मिला है। संस्थान अपने पिछले वर्ष की स्थिति पर बरकरार है।
केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने सोमवार को जारी नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) 2024 में स्टेट पब्लिक यूनिवर्सिटी श्रेणी में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय ने देश में 35वां रैंक प्राप्त किया है। इस उत्कृष्ट उपलब्धि पर कुलपति ने विश्वविद्यालय समुदाय को श्रेय दिया है। उन्होंने कहा कि एमडीयू के प्राध्यापकों समेत सभी वर्गों के सामूहिक प्रगतिशील प्रयासों से एमडीयू ने यह उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल की है। पिछले छह वर्षों में एमडीयू प्रदेश की सभी राजकीय विश्वविद्यालयों की श्रेणी में अव्वल रहा है। विश्वविद्यालय के विभिन्न स्टेकहोल्डर्स को बधाई देते हुए कुलपति ने विश्वविद्यालय को उत्कृष्ट के नए क्षितिज तक ले जाने व वैश्विक पहचान दिलवाने की संकल्पबद्धता व्यक्त की।
टॉप फिफ्टी में प्रदेश के चार विवि
देश के टॉप 50 विश्वविद्यालयों में प्रदेश के चार विश्वविद्यालय शामिल हैं। एनआईआरएफ 2024 रैंकिंग की स्टेट पब्लिक यूनिवर्सिटी श्रेणी में एमडीयू 35वें, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय 41वें, गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय हिसार 47वें व चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार 48वें रैंक पर है। यह रैंकिंग टीचिंग, लर्निंग एंड रिसोर्सेस, रिसर्च एंड प्रोफेशनल प्रैक्टिसीज, ग्रेजुएशन आउटकम्स, आउटरिच एंड इनक्लूसिविटी व परसेप्शन पैरामीटर पर आधारित है।
कंसलटेंसी प्रोजेक्ट, प्लेसमेंट, लैब और पुस्तकालय ने दिलाई पहचान
एमडीयू के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि एनआईआरएफ रैंकिंग में बेहतर स्थान पाने के लिए एमडीयू ने कई क्षेत्रों में सराहनीय कार्य किया है। इसमें प्लेसमेंट सुधार, कंसलटेंसी प्रोजेक्ट, लैब, पुस्तकालय, विद्यार्थियों की क्षमतावृद्धि, संचार कौशल, कक्षा में पढ़ाई के साथ कैंपस का शैक्षणिक माहौल शामिल है। विवि परिवार का इस उपलब्धी में अहम योगदान रहा।