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तीन जगह से 8 खाद्य सामग्री के सैंपल भरे, 40 किलो फंगस लगा कलाकंद नष्ट कराया

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सैंपल भरती एफडीए की टीम। विज्ञप्ति
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रोहतक। त्योहारों में मद्देनजर एफडीए व मुख्यमंत्री उड़न दस्ते ने शुक्रवार को शहर में तीन जगह छापा मारा। इस दौरान खाद्य सामग्री के आठ सैंपल भरे। वहीं न्यू जनता कॉलोनी स्थित एक गोदाम से मिले 40 किलोग्राम फंगस लगा कलाकंद नष्ट कराया गया। इसे गड्ढा खोद कर दबाया गया है।
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त्योहार पर खाद्य सामग्री की गुणवत्ता परखने के लिए फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) विभाग ने सैंपलिंग अभियान चलाया है। अभियान में मुख्यमंत्री उड़न दस्ता भी शामिल रहा। शुक्रवार को टीम ने साझा अभियान के तहत शहर में तीन जगह छापा मारा। टीम न्यू जनता कॉलोनी पहुंची। यहां एक गोदाम में रसगुल्ले बनाए जा रहे थे। यहीं पनीर भी बन रहा था। जांच करने पर यहां 40 किलोग्राम कलाकंद भी मिला। इसमें फंगस लगी थी। इस कारण यह खाने लायक नहीं था। इसे बेचे जाने से पहले ही टीम ने गड्ढा खोद कर मिट्टी में दबा दिया। यहां से पनीर, रसगुल्ले, कलाकंद के सैंपल लिए गए।
इसके बाद टीम गोहाना अड्डा बाईपास स्थित दुकान पर पहुंची। यहां से बर्फी, मावा, घी के सैंपल भरे। सुखपुरा चौक स्थित एक दुकान से कलाकंद, पनीर, रसगुल्ले, गोला बर्फी के सैंपल भरे। इन्हें जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। लैब की रिपोर्ट के आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी।
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विभाग की कार्रवाई से मचा हड़कंप
सीएम फ्लाइंग व एफडीए की टीम के छापा मारा जाने की खबर कुछ ही देर में वायरल हो गई। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभाग की कार्रवाई की खबर आग की तरह फैल गई। मिठाई निर्माता व हलवाई अपने गोदाम व दुकान बंद कर गायब हो गए। टीम मालगोदाम रोड, कच्चा बेरी रोड व अन्य स्थानों पर भी छापा मारने पहुंची। यहां प्रतिष्ठान बंद मिले। इस कारण टीम को इन तीन जगह के बाद अन्य जगहों से खाली हाथ ही लौटना पड़ा।
त्योहार पर रहती है मिठाई की मांग
दिवाली पर अपनों को बधाई देने व मिठाई भेंट की जाती है। इसके चलते मिठाई की खासी मांग रहती है। इस मांग की पूर्ति के लिए अभी से बाजारों में बड़े स्तर पर मिठाइयां बनाई जा रही हैं। यह काम पिछले करीब 15 दिनों से चल रहा है। बड़े गोदामों में बर्फी व कलाकंद के अलावा रसगुल्ले बनाए जा रहे हैं। यह उत्पादन एक दो किलो नहीं, क्विंटल में हो रहा है। हलवाइयों व विक्रेताओं के गोदाम, कोल्ड स्टोर, डी-फ्रीज में मावा व मिठाइयां स्टोर की जा रही हैं। बाजार में महीने भर से बनाई जा रही मिठाई त्योहार पर बेची जाएगी। ऐसे में 30 दिन पुरानी व बासी मिठाई आपकी सेहत भी बिगाड़ सकती है। इसमें फंगस भी लगने लगी है। इसलिए जरूरी है कि मिठाई खरीदते समय सावधानी बरतें।
41 सैंपलों में से 20 की गुणवत्ता प्रभावित
एफडीए की टीम लगातार खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर नजर रखे हुए है। इसके चलते सैंपल लिए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जुलाई व अगस्त में 41 सैंपल लिए गए। इनकी जांच रिपोर्ट में से 20 की गुणवत्ता प्रभावित पाई गई। रिपोर्ट के मुताबिक, आटा व सिरका खाने लायक ही नहीं है। देसी घी, गुड़, टोमैटो सॉस, ग्रीन चिली सॉस व अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता निम्न स्तर की रही।
बड़े स्तर पर होती है मिलावट
त्योहार पर मिठाई की मांग व बढ़ती महंगाई ने मिलावट के धंधे को पंख लगा दिए हैं। कुछ खास विक्रेताओं को छोड़े दें तो बड़ी संख्या में ऐसी दुकानें हैं, जहां तैयार हो रही मिठाइयों में मिलावट से इनकार नहीं किया जा सकता है। इसमें पुराने शहर का इलाका मुख्य है। इस मिलावट पर नजर रखने के लिए सैंपल बेहतर विकल्प है।
वर्जन:
त्योहार पर मिठाई की मांग अधिक रहती है। इसकी पूर्ति के लिए इन दिनों जोर शोर से मिठाई बनाई जा रही है। दिवाली पर अब बनाई गई मिठाई पुरानी हो जाएगी। गुणवत्ता भी प्रभावित होगी। इसके रखरखाव में लापरवाही भी गड़बड़ी कर सकती है। मिलावट की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। इसलिए सैंपलिंग की जा रही है। लैब की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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- डॉ. जोगेंद्र सिंह, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, एफडीए।
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