बेटा बस एक कदम दूर है सोना, न्यूं ए खेलणा है जिस्सा आज खेल्या है...। यह बातें सात समुंदर पार से अमित पंघाल का फोन आते ही पिता विजेंद्र सिंह व मां उषा देवी ने उसका हौसला अफजाई करते हुए कही। वहीं स्वर्ण पदक जीतने की बात पर अमित ने हंस कर कहा-पापा चिंता मत करै, फाइनल की फुल तैयारी कर राखी सै...।
शनिवार को हुए सेमीफाइनल मैच के दौरान टीवी स्क्रीन के सामने बैठे परिजन व ग्रामीण अमित के प्रत्येक मुक्के पर तालियां बजा रहे थे। बुजुर्ग भी बार-बार जोश में कह रहे थे, शाबाश बेटा अमित ऐसे ही मुक्के मारो। मैच जीतते ही घर में सिर्फ तालियों व वाहवाही की आवाज सुनाई दे रही थी। पिता विजेंद्र ने बताया कि भगवान से यही प्रार्थना है कि अबकी बार अमित स्वर्ण पदक ही जीतेगा। रविवार को शाम करीब तीन बजे अमित का फाइनल मैच होगा।
बड़े भाई ने फौज से ली 10 दिन की छुट्टी
पिता विजेंद्र सिंह ने बताया कि शनिवार शाम को अमित के बड़े भाई अजय ने फोन कर बताया कि उसे 10 दिन की छुट्टी मिल गई है। वह रविवार को सुबह 10 बजे तक घर पहुंच जाएगा। अजय हाल में राजस्थान के कोटा में तैनात है। फाइनल मैच देखने के लिए बहुत ज्यादा उत्सुक है।
मायना गांव में अमित पंघाल के रोहतक पिता विजेन्द्र सिंह को मिठाई खिलाते गांव के लोग।
पापा चिंता मत करै...
रात करीब 8 बजे अमित पंघाल ने अपने पिता विजेंद्र सिंह के पास वीडियो कॉल की। वीडियो कॉल आते ही सभी परिजन इकट्ठे होकर अमित की हौसला अफजाई करने लगे। पिता विजेंद्र ने अमित को कहा कि बेटा कल भी ऐसा ही खेल का प्रदर्शन करना है। अमित ने हंस कर कहा पापा चिंता मत करै, फाइनल की फुल तैयारी कर राखी सै... ये सुनते ही सभी परिजन हंसने लगे।