फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rohtak: स्वास्थ्य जांच में 50 पुलिसकर्मी मिले घातक बीमारियों से ग्रस्त, ना कोई लक्षण, दो को किडनी में कैंसर

Sat, 14 Jan 2023 08:01 AM IST
भूपेंद्र सिंह विजेंद्र कौशिक, अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)

सार

हेल्थ कार्ड योजना में लक्षण से पहले संपूर्ण स्वास्थ्य जांच में ये खुलासा हुआ। अब बीमारों का सफलतापूर्वक उपचार चल रहा है।  37 साल से ज्यादा उम्र के 1400 पुलिसकर्मियों में से एक हजार की संपूर्ण स्वास्थ्य जांच  हो चुकी है। अब पुलिस लाइन में योगा क्लास भी लगेंगी।  
विज्ञापन
स्वास्थ्य जांच शिविर में पुलिसकर्मियों की जांच करते डॉक्टर। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सावधानी में ही सुरक्षा, यह बात एक बार फिर साबित हो गई है। पुलिस विभाग ने हेल्थ कार्ड योजना के तहत रोहतक में 35 साल या इससे ज्यादा उम्र के एक हजार पुलिस कर्मियों के संपूर्ण स्वास्थ्य की जांच की। जांच में 50 पुलिसकर्मी ऐसे मिले जो घातक बीमारियों की ग्रस्त थे, जबकि बीमारियों का कोई लक्षण उनमें नहीं था। इसके साथ पांच से सात प्रतिशत पुलिसकर्मी बीपी व शुगर की बीमारियों से ग्रस्त मिले हैं। विभाग पुलिस लाइन में न केवल योग कक्षाएं लगाएगा, बल्कि हर माह पीजीआई के डॉक्टरों के व्याख्यान भी कराएगा। 

विज्ञापन


पुलिस विभाग की तरफ से छह माह पहले संपूर्ण स्वास्थ्य जांच योजना लागू की गई थी। इसमें 37 साल या इससे ज्यादा उम्र के पुलिस कर्मियों के स्वास्थ्य की जांच होनी है। जिला पुलिस में 2100 पुलिस कर्मियों में से 1400 के करीब की उम्र 37 साल से ऊपर है।

विभाग की हेल्थ विंग की तरफ से अब तक एक हजार पुलिस कर्मियों के स्वास्थ्य की जांच सिविल अस्पताल में करवाई जा चुकी है। जबकि 400 की जांच चल रही है। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 50 के करीब पुलिसकर्मी में जांच के अंदर गंभीर बीमारियों की शुरुआत मिली है।
विज्ञापन


इसमें दिल व किडनी से जुड़ी बीमारी ज्यादा है। दो पुलिसकर्मियों को तो किडनी में कैंसर मिला है, जिसके शरीर के अंदर सेल बनने शुरू ही हुए थे। क्योंकि अल्ट्रासाउंड से किडनी के अंदर गांठ मिली। दोनों गांठ का सीटी स्कैन कराया गया। इसके बाद दिल्ली स्थित एम्स में जांच हुई।

जांच में पता चला कि दोनों पुलिस कर्मियों के शरीर में कैंसर के सेल पनपने लगे थे। अब ऑपरेशन के बाद दोनों पुलिसकर्मी न केवल स्वस्थ हो चुके हैं, बल्कि ड्यूटी पर भी आ गए हैं। इसके अलावा पांच से सात प्रतिशत पुलिसकर्मी बीपी व शुगर की बीमारियों से भी ग्रस्त मिले हैं। ऐसे में पुलिस के आला अधिकारियों ने उनकी ड्यूटी में बदलाव किया है। साथ ही उनका उपचार भी चल रहा है। 

ये टेस्ट करवाए जाते हैं योजना के तहत
पुलिस अस्पताल के फार्मासिस्ट हरेंद्र कुमार ने बताया कि संपूर्ण स्वास्थ्य जांच के दौरान एक पुलिसकर्मी के 10 से 12 तरह के टेस्ट करवाए जाते हैं, जिसमें सीबीसी यानी रक्त की जांच, एलएफटी, केएफटी, दिल, बीपी, शुगर, आंख, नाक व गला, सांस लेने की क्षमता, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, ईसीजी के अलावा दूसरे अंगों की भी जांच होती है। इसमें एक पुलिसकर्मी पर पूरा एक दिन लग जाता है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया शुरू होती है। 

योग के साथ टूटती सांसों को जोड़े रखने का अभ्यास कराएगा विभाग 
विभाग की तरफ से पुलिस कर्मियों की हर सप्ताह योग कक्षा शुरू करने की योजना है। इसके लिए रिटायर पुलिसकर्मियों की सहायता ली जाएगी। साथ ही पुलिसकर्मियों को आपात स्थिति में बेहोश व्यक्ति की टूटती सांसों को दोबारा जोड़ देने का प्रशिक्षण देने का अभ्यास कराया जाएगा।

पुलिस विभाग में संपूर्ण स्वास्थ्य जांच की प्रक्रिया लगातार चल रही है। इसमें एक हजार पुलिस कर्मियों के स्वास्थ्य की जांच हुई है। इसका फायदा यह रहा कि 50 पुलिसकर्मी घातक बीमारियों से ग्रस्त थे। इस बात का पता बीमारी आगे बढ़ने से पहले ही लग गया। विभाग की देखरेख में उपचार चल रहा है। साथ ही परिवार से भी विभाग की हेल्थ विंग संपर्क में है। -उदय सिंह मीना, पुलिस अधीक्षक रोहतक

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें