गांवों में महिलाएं कोरोना के प्रति जागरूक हैं, इसीलिए मुंह पर मास्क लगाकर घर से बाहर निकलती हैं। इस दौरान रोजमर्रा के कामकाज भी करती हैं। घर का कामकाज कर खेतों से पशुओं के लिए हरा चारा भी लाती हैं। इस दौरान वे हाथों में ग्लव्ज और मुंह पर मास्क रखती हैं। लॉकडाउन के दौरान बेवजह बाहर नहीं निकलतीं। खेतों से चारा लेकर आ रही नीलम, सुषमा, सरोज का कहना है कि कोरोना का डर सै, पर डांगरां न भूखा तो कौनी राख सकदै।