ज्जर अनाज मंडी में पड़ी हुई फसल को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल सें ढका गया।संवाद
झज्जर। जिले में उठान धीमा होने की वजह से सभी मंडियां फुल हो चुकी है। जिले की मंडियों से अब तक एक लाख 39 हजार 680 क्विंटल सरसों और 4 लाख 6 हजार 150 क्विंटल गेहूं को खरीद का इंतजार है। ऊपर से मौसम खराब होने की वजह से किसानों की चिंता बढ़ गई है। शनिवार को हुई हल्की बूंदाबांदी के बाद झज्जर व अन्य अनाज मंडियों में सरसों व गेहूं को बडे़ तिरपाल से ढक दिया गया है, लेकिन यदि तेज बरसात होती है तो फसलों को नुकसान हो सकता है।
झज्जर की अनाज मंडी में तो शेड के बराबर लगभग 20-25 फीट की ऊंचाई तक सरसों व गेहूं पहुंच चुकी है। इसके अलावा मंडी में सर्विस रोड तक ब्लॉक हो गए हैं, जिस कारण एक तरफ से दूसरी तरफ का आवागमन बिल्कुल बंद हो गया है। मंडी के मुख्य गेट से लेकर बादली रोड पर किसानों के ट्रैक्टर-ट्राली लाइन में खडे़ हैं ताकि गेट पास कटने पर उनको अंदर ले जाया जा सके। फिलहाल उठान धीमा होने की वजह से मंडी में फसल रखने की जगह बिल्कुल भी नहीं बची है।
गेहूं का झज्जर मंडी में अब तक नहीं हुआ उठान
जिले में अब तक 405300 क्विंटल सरसों की आवक हुई है। इसमें से 266100 क्विंटल सरसों की खरीद हो चुकी है। इसके अलावा शुक्रवार शाम तक जिले से 119930 क्विंटल सरसों का उठान हुआ है। अब भी 50 प्रतिशत सरसों मंडियों में पड़ी है। इसी प्रकार से मंडियों में 530880 क्विंटल गेहूं पहुंच चुकी है जबकि 124730 क्विंटल की खरीद हुई है। शुक्रवार शाम तक 11 हजार क्विंटल गेहूं का ही उठान हुआ है। झज्जर मंडी में अब तक गेहूं का उठान नहीं हो सका है। झज्जर मंडी की बात करे तो अब तक एक लाख 75 हजार क्विंटल गेहूं आया है और 40 हजार क्विंटल की खरीद हुई है।