माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) से जुड़कर अपनी आमदनी को बढ़ाएं। एक या एक से अधिक गांव के किसान साथ मिलकर कृषि उत्पादक संगठन गठित कर कंपनी के पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। किसान उत्पादन संगठन के अनेक लाभ हैं तथा सरकार द्वारा भी इन संगठनों को वित्तीय मदद प्रदान की जाती है।
उपायुक्त अजय कुमार ने बताया कि किसानों द्वारा बनाया गया एक स्वयं सहायता समूह होता है, जो किसानों के हित में काम करता है। किसान उत्पादक संगठनों से जुड़ने पर छोटे किसानों को उपज का अच्छा मोल मिल जाता है। इससे किसानों की आजीविका में भी वृद्धि होगी। एफपीओ के जरिए किसानों को बीज, खाद, मशीनरी, मार्केट लिंकेज, ट्रेनिंग, नेटवर्किंग, वित्तीय सहायता और तकनीकी मदद उपलब्ध कराई जाती है। हर एक किसान उत्पादक संगठन में कम से कम 11 किसानों को शामिल करना जरूरी होता है। किसान उत्पादक संगठनों की कार्यशैली से सबसे ज्यादा लाभ छोटे और सीमांत किसानों को मिलता है।
सरकार से मिलती है आर्थिक सहायता
तीन वर्ष तक लगातार किसानों के हित में काम करने वाले किसान उत्पादक संगठन को इन तीन वर्षों में सरकार से 15 लाख रुपये आर्थिक सहायता दी जाती है। ये सहायता किसानों को उनकी खेती-किसानी के खर्चों के निपटारे के लिए दी जाती है, इसमें खेत की तैयारी, बीजों की खरीद, सिंचाई व्यवस्था और कृषि उपकरणों से लेकर खाद, उर्वरक, कीटनाशक तक के सभी खर्चे शामिल हैं।
एफपीओ के गठन की प्रक्रिया है बेहद आसान
अगर किसी गांव के किसान आपसी तालमेल के साथ किसान उत्पादक संगठन बनाना चाहते हैं तो इसकी प्रक्रिया बेहद आसान है। किसानों को अपने संगठन का एक नाम रखकर उसे कंपनी एक्ट के तहत रजिस्टर करवाना होगा। आवेदन कर्ता किसान उत्पादक संगठन के सभी सदस्य भारत के नागरिक हों और किसान वर्ग से संबंधित हों। इसके अलावा आवेदन करते समय आधार कार्ड, स्थायी प्रमाण पत्र, जमीनी दस्तावेज, बैंक खाता, पासपोर्ट साइज फोटो और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर होना जरूरी है।
एफपीओ गठन के लिए ऐसे करें आवेदन
किसान उत्पादक संगठन बनाने के लिए सबसे पहले किसान उत्पादक संगठन योजना की आधिकारिक बेवसाइट http://sfacindia.com/FPOS.aspx पर जाएं और एफपीओ ऑप्शन पर क्लिक करें। नये वेब पेज के खुलते ही आवेदन की लिंक स्क्रीन पर खुल जाएगी। लिंक पर क्लिक करने के बाद स्क्रीन पर आवेदन फॉर्म प्राप्त होगा। आवेदन फॉर्म में सही जानकारी भरें और जरूरी दस्तावेजों को संलग्न करें। फॉर्म भरने के बाद सभी जानकारी दोबारा जांचें और सबमिट बटन पर क्लिक करें। इसी प्रक्रिया के साथ आपका आवेदन सरकार के पास पहुंच जायेगा। इससे जुड़ी जानकारी के लिए जिला उद्यान अधिकारी के कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।