सोनीपत। द सोनीपत सहकारी चीनी मिल के पास स्थित भारतीय किसान पंचायत के कार्यालय में शनिवार को किसानों की बैठक हुई। इसमें किसानों की समस्याओं पर विचार किया गया। इस दौरान बिजेंद्र मलिक ने बताया कि अप्रैल में किसानों ने मंडियों में बाजरे की फसल बेची थी लेकिन भावांतर योजना के तहत वाली राशि किसानों के खाते में नहीं आई है। जिन किसानों ने मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत धान की फसल नहीं उगाई, उनके खाते में अब तक सात हजार रुपये प्रति एकड़ दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि नहीं पहुंची है। इससे किसानों में रोष है। उन्होंने किसानों के खातों में राशि भेजने, रजवाहों की सफाई 15 दिन में कराकर पानी छोड़ने की मांग की। भारतीय किसान पंचायत के दलबीर सिंह ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने किसानों की समस्याओं पर संज्ञान नहीं लिया तो 15 दिन बाद किसान सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे।