15सीटीके30...जनता कॉलोनी में परिवार पहचान पत्र को लेकर लगाए गए शिविर में मौजूद शिक्षक। संवाद
रोहतक। परिवार पहचान पत्र की त्रुटियां दूर करने के लिए शिक्षकों को गर्मी की छुट्टियों के बावजूद स्कूलों में जाना पड़ रहा है। परेशान होकर शिक्षकों ने एडीसी वैशाली सिंह के नाम एक पत्र लिखा है। इसमें शिविर एक जुलाई से लगाने की मांग की है। शिक्षकों का कहना है कि उन्हें न तो ट्रेनिंग दी गई और न ही इंटरनेट की सुविधा है। ऐसे में खुद का इंटरनेट खर्च करना पड़ रहा है।
जिला प्रशासन की तरफ से 14 से 22 जून तक जिले में परिवार पहचान पत्र की त्रुटियां दूर करने के लिए 151 शिविर लगाए गए हैं। शिविर के दूसरे दिन शनिवार को 300 से ज्यादा लोग शिविरों में पहुंचे। किसी ने बेटे तो किसी ने पिता का नया परिवार पहचान पत्र बनाने की अर्जी दी। विभाग 9 दिन का डाटा एकत्रित करके रिकाॅर्ड को दुरुस्त करेगा। उधर, शिविरों में ड्यूटी कर रहे 20 शिक्षकों ने एडीसी को पत्र लिखा है। इसमें मांग की है कि भीषण गर्मी को देखते हुए शिविर 1 जुलाई से लगाए जाएं। शिविर में विशेष शिक्षकों की जगह पूरे स्टाफ की ड्यूटी लगाई जाए और उन स्कूलों की सुरक्षा की तरफ ध्यान दिया जाए, जहां एक ही महिला शिक्षक की ड्यूटी लगी है।
पहुंच वाले ड्यूटी कटवा रहे
एक महिला शिक्षक ने कहा कि सभी शिक्षकों की ड्यूटी लगनी चाहिए। जिनकी अधिकारियों तक पहुंच है, वे तो अपनी ड्यूटी कटवा लेते हैं। उनकी जगह ऐसे शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी जाती है, जिनकी पहुंच नहीं है। उनकी मांग है कि सभी शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाए।
हर टीम के साथ एक हेल्पर दिया गया
हर टीम के साथ एक हेल्पर दिया गया है, ताकि लोगों को फोन करके बुलाया जा सके। इसके अलावा मोबाइल या टैब से ही काम चल जाता है। इसमें ज्यादा इंटरनेट की आवश्यकता नहीं होती।
सुमित दांगी, अधिकारी क्रीड