रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने शनिवार को विजन 2024 की रूपरेखा संकाय अधिष्ठाताओं व विभागाध्यक्षों से बैठक में साझा की। यहां विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों, शोधार्थियों व विद्यार्थियों के क्षमता संवर्धन (कैपिसिटी बिल्डिंग), एलुमनाई नेटवर्क व समुदाय-समाज से विवि की इस वर्ष की प्राथमिकता साझा की। साथ ही कनैक्टीविटी, कम्यूनिटी आउटरीच, नियमित व प्रभावी शिक्षण, गुणवत्ता परक शोध व डिजिटल टीचिंग-लर्निंग के सुदृढ़ीकरण पर भी जोर दिया।
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय को नवीनतम वैश्विक ज्ञान रुझानों व सूचना-संचार प्रौद्योगिकी के विकास से कदमताल करते हुए कैपिसिटी बिल्डिंग पर विशेष फोकस करना होगा। वर्ष 2024 में इस संदर्भ में विभिन्न कार्यशालाओं व प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। कुलपति ने विभागाध्यक्षों से नियमित रूप से प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं, समूह चर्चा, संचार कौशल विकास कार्यक्रमों का आयोजन अपने विभागों में करने की अपील की। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के समयबद्ध क्रियान्वन, पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया के सुचारु संचालन, एनएईआरएफ डाटा अपडेटिंग सुनिश्चित करने की हिदायत विभागाध्यक्षों को दी।
डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एएस मान ने सत्र 2024-25 से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के क्रियान्वन के लिए यूजी/पीजी पाठ्यक्रम तैयार करने की प्रक्रिया व सारिणी साझा की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष नैक एक्रीडीटेशन के दृष्टिगत एनईपी के तहत नूतन पाठ्यक्रम सृजन अनिवार्य है। निदेशक आईक्यूएसी प्रो. बी नरसिम्हन ने एनईपी-2020 यूजी/पीजी पाठ्यक्रम सृजन व एनएईआरएफ रैंकिंग डाटा संकलन संबंधित दिशा निर्देश साझा किए। इस बैठक में रजिस्ट्रार प्रो. गुलशन तनेजा, विभिन्न संकायों के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष/निदेशक शामिल हुए।