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Rohtak News: अपनों की बिसराई बुजुर्ग महिलाओं को मिलेगा राहत भरा आश्रय

Thu, 18 Jan 2024 01:36 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
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रोहतक। अपनों की बिसराई बुजुर्ग महिलाओं का दर्द असहनीय पीड़ा की तरह है। सब कुछ होते हुए भी इनके पास कुछ नहीं होता। अपना बेटा, अपना घर तक दूर हो जाता है। इनका उत्पीड़न व दयनीय हालत देखकर दिल दुखता है। इन वृद्धाओं की हालत देखकर कुछ करने का ख्याल आया तो कुछ लोगों को जोड़ा और किराए के भवन में महिला जन कल्याण वृद्ध आश्रम शुरू कर दिया। इस नए घर में उत्पीड़न से दूर कर प्रेम व सहयोग के जरिए नए जीवन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। यह कहना है महिला जन कल्याण सोसायटी अध्यक्ष सुमन सैनी का।
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बुधवार को पालिका कॉलोनी में महिला वृद्ध आश्रम के उद्घाटन पर सुमन सैनी ने अमर उजाला से बातचीत की तो उन्होंने अपना प्रयास व बुजुर्गों के प्रति सोच साझा की। सोसायटी अध्यक्ष ने कहा कि गृह उत्पीड़न की शिकार महिलाओं के बारे में देखा सुना है। उन्हीं के लिए एक ऐसा प्रयास किया है, जहां उन्हें राहत मिले। इसी सोच के साथ महिला जन कल्याण सोसाइटी ने महिला जन कल्याण वृद्धाश्रम शुरू किया है। आश्रम में रहने के लिए 15 वृद्ध महिलाओं की ओर से दाखिला कराया गया है। यहां इन्हें निशुल्क रखा जाएगा। बुधवार को बाबा कालीदास महाराज व पूर्व मंत्री के बेटे हिमांशु ग्रोवर ने बतौर मुख्य अतिथि इसका उद्घाटन किया। इस मौके पर किरण मलिक, चंदना, मोनिका, सोनिया, परवीन, वीपिन, रेणुका शर्मा, धर्मवीर सिंह दहिया, मामराज कौशिक, संजय ढाका, लालचंद भारद्वाज अन्य मौजूद रहे।
छह सदस्यों की टीम ने तैयार किया आश्रम
विभिन्न बातों को ध्यान में रखते हुए छह सदस्यों की टीम ने वृद्ध महिलाओं की सेवा करने के लिए यह आश्रम तैयार किया है। टीम में सुमन सैनी के अलावा किरण मलिक, चंदना शर्मा, सोनिया, रविंद्र, विपिन शामिल हैं।
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बॉक्स : हिसार रोड निवासी मूर्ति ने बताया कि घर पर बेटा-बहू मारपीट करते हैं। पेंशन के पैसों से इलाज भी नहीं कराने देते, घर खर्च के नाम पर जबरदस्ती पैसे छीन लेते हैं। अब से इस आश्रम में ही रहूंगी और बुढ़ापा चैन से बिताऊंगी। आश्रम में खाने, रहने के साथ इलाज की पूरी सुविधा उपलब्ध है।

बॉक्स :
वृद्धा गुड्डी ने बताया कि अपनों ने बुढ़ापे में आकर साथ छोड़ दिया और समाज सेवियों ने हाथ थामा है। केवल आश्रय ही नहीं नया परिवार और सुखद जीवन भी मिल रहा है। उम्र बूढ़ा नहीं करती, मगर अपनों का व्यवहार बूढ़ा कर देता है। इस आश्रम से नए जीवन की शुरूआत की उम्मीद है।
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