रोहतक रेलवे स्टेशन से एकता एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते सांसद डॉ. अरविंद शर्मा।
करीब 29 महीने के बाद बुधवार से एकता एक्सप्रेस का परिचालन फिर से शुरू हो गया। कोरोना काल से ही बंद भिवानी-कालका तक चलने वाली एकता एक्सप्रेस के कारण चंडीगढ़ रूट पर जाने वाले सैकड़ों यात्रियों को परेशानी हो रही थी। लोगों को इसके चलने का इंतजार था। लंबे समय के बाद चली ट्रेन अपने निर्धारित समय से करीब साढ़े चार घंटे देरी रोहतक पहुंची। इस कारण बुधवार को यात्रियों की संख्या भी बेहद कम रही। बुधवार को सांसद डॉ. अरविंद शर्मा ने सुबह 10:22 बजे ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। एकता एक्सप्रेस रोहतक स्टेशन पर सुबह 5:30 बजे पहुंचेगी और दो मिनट के ठहराव के बाद 5.32 बजे कालका के लिए रवाना हो जाएगी।
सांसद डॉ. अरविंद शर्मा ने बताया कि कोरोना काल के चलते एकता एक्सप्रेस को बंद कर दिया गया था। इसे चलाने के लिए दैनिक यात्री लंबे समय से मांग कर रहे थे। उन्होंने बताया कि दैनिक रेल यात्रियों की मांग को उन्होंने रेलमंत्री के समक्ष रखा था। सांसद ने प्रधानमंत्री व रेलमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि इस ट्रेन के चलने से हजारों यात्रियों को लाभ होगा। गाड़ी पहले पानीपत जाकर हिमालय क्वीन में मिल जाती थी, लेकिन अब यह सीधी कालका तक जाएगी और बोगियों की संख्या बढ़ा दी गई है। इस अवसर पर रेलवे के एडीआरएम हिमेंद्र, भाजपा जिला अध्यक्ष अजय बंसल, मेयर मनमोहन गोयल, सीनियर डिप्टी मेयर राजकमल सहगल, मोनू अत्री, पूर्व मेयर रेणु डाबला, आजाद अत्री, रमेश, चंद्रभान सहित उतर रेलवे के उच्च अधिकारी मौजूद रहे।
डिब्बों की संख्या छह से बढ़ाकर 11 किया
गाड़ी संख्या 14795/96 एकता एक्सप्रेस भिवानी से कालका तक वाया कलानौर, रोहतक, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला और चंडीगढ़ तक चलेगी। यह मात्र ऐसी ट्रेन है जिससे प्रदेश के हजारों लोग अपने प्रशासनिक कार्यों की वजह से सुबह चंडीगढ़ जाकर शाम को लौटते हैं। इस ट्रेन में कोरोना से पहले छह डिब्बे थे। पहले संचालन पानीपत में हिमालयन क्वीन के साथ जुड़कर होता था। दैनिक यात्रियों की लंबे समय से मांग थी कि भिवानी से कालका के बीच इस ट्रेन को स्वतंत्र रूप से चलाया जाए। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे फिर से चलाने की मांग स्वीकार कर ट्रेन के संचालन के आदेश दिए। अब इसमें डिब्बों की संख्या छह से बढ़ाकर 11 कर दी गई है। स्वतंत्र संचालन के कारण अब पानीपत में यात्रियों को हिमालयन क्वीन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।