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अहंकार एक अंधकार है इसे अपने जीवन से निकाल दें : स्वामी विश्वेश्वरानंद

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माता दरवाजा स्थित संकट मोचन मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में झूमते श्रद्धालु। स्रोत: मंदिर
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रोहतक। माता दरवाजा स्थित संकट मोचन मंदिर में ब्रह्मलीन गुरुमां साध्वी गायत्री के 8वें निर्वाण दिवस पर 7 दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिन सोमवार को कथा व्यास 1008 महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद महाराज अपने भजनों और प्रवचनों से अमृत वर्षा की। वहीं गद्दीनशीन साध्वी मनेश्वरी ने भक्तिमय सुंदर गीत प्रस्तुत किए। साध्वी मनेश्वरी की ओर से गाए गए भजन गोविंद मेरो है, गोपाल मेरो है, मुझे वृंदावन बुला ले हो नंद के लाल आदि भजनों पर श्रद्धालु खुद को झमने से रोक नहीं पाए।
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साध्वी मनेश्वरी ने कहा कि हमें अपने दिन की शुरुआत सकारात्मक ऊर्जा के साथ करनी चाहिए। भगवान के भजन से अच्छा और बेहतर मार्ग सकारात्मक ऊर्जा का दूसरा कोई हो नहीं सकता।
कथा व्यास स्वामी विश्वेश्वरानंद महाराज ने कहा कि अहंकार एक अंधकार है जिसमें अपने दोष और दूसरों के गुण नहीं दिखाई देते हैं। अहंकार ऐसी लकीर खींच लेता है, जिसके दूसरी तरफ सब छोटे ही दिखाई देते हैं। अपनी तारीफ सुनने से राग और विरोध सुनने से द्वेष उत्पन्न होता है। मुख्य अतिथि समाजसेवी वीरेंद्र सिंह व उनकी पत्नी ने अपने बच्चों के साथ ज्योत प्रज्वलित की और जरूरतमंद 100 बच्चों को कॉपी, पेन व किताबें वितरित की। पंडित अशोक शर्मा ने आरती की। इसके बाद प्रसाद वितरित किया गया।
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संकट मोचन मंदिर में आयुर्वेदिक शिविर आज

संकट मोचन मंदिर में 30 अप्रैल को सुबह 10 बजे से आयुर्वेदिक शिविर लगाया जाएगा। इसमें डॉ. कृष्ण कुमार लांबा (श्री शिवानंद धर्मार्थ चिकित्सालय) की ओर से आयुर्वेदिक प्रणाली से मरीजों का उपचार होगा।
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