साल्हावास। गांव बिरोहड में 25 मार्च को होने वाले दंगल को लेकर बढ़ रहे विवाद को देखते हुए प्रशासन ने कुश्ती दंगल के लिए आयोजकों को अनुमति नहीं दी है। अब गांव में दुल्हेंडी के अवसर पर न तो दंगल का आयोजन हो सकेगा और न ही मेला लग सकेगा। केवल श्रद्धालुओं को मंदिर में जाकर बाबा मूलदास की प्रतिमा के दर्शन करने की अनुमति रहेगी। इस दौरान पुलिस प्रशासन भी अलर्ट रहेगा।
पिछले तीन-चार दिन से कुश्ती दंगल व मेले के आयोजन को लेकर बिरोहड गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। गांव के लोग दो धड़ों में बंट चुके हैं। गांव में तनातनी के माहौल की रिपोर्ट मिलने के बाद प्रशासन ने कुश्ती दंगल व मेले के आयोजन के लिए अनुमति नहीं दी है। यहां बता दें कि 7 मार्च को ग्राम पंचायत ने डीसी शक्ति सिंह से मुलाकात कर कुश्ती दंगल रद्द करवाने की मांग की थी। उपायुक्त ने इसके लिए ग्राम पंचायत को एसडीएम से मिलने के लिए कहा था। एसडीएम रवींद्र यादव ने दोनों पक्षों को मिल-बैठकर नियम आदि निर्धारित करने की और सहमति के बाद दोबारा उनसे मिलने की हिदायत दी थी। शनिवार को जब आयोजक एसडीएम रवींद्र यादव के पास पहुंचे तो आयोजकों को कुश्ती दंगल व मेले के आयोजन की अनुमति नहीं दी गई।
गांव में बढ़ते तनाव को देखते हुए आयोजकों को कुश्ती दंगल व मेले की अनुमति नहीं दी गई है। केवल श्रद्धालुओं को मंदिर में जाकर बाबा के दर्शन करने की अनुमति रहेगी।
रवींद्र यादव, एसडीएम झज्जर