17सांपला01...पानी चोरी करते विभाग ने पकड़ी रबड़ की पाइप। संवाद
सांपला। मानसून की बेरुखी के चलते किसान अपनी फसल बचाने के लिए नहरी पानी की चोरी करने को विवश हैं। नतीजतन नहर की टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। सिंचाई विभाग की टीम ने नहरों पर छापा मार कर तीन दिन में करीब 150 किसानों को पानी की चोरी करते हुए पकड़ा है। विभाग किसानों पर जुर्माना लगाने के साथ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है।
गौरतलब है कि सिंचाई विभाग की ओर से जलघरों के तालाबों में पानी भरने व खेतों की सिंचाई के लिए पांच दिन पहले नहों में पानी छोड़ा गया है। धान रोपाई का समय चल रहा है। इसमें अधिक पानी की जरूरत होती है। इलाके में बारिश नहीं हो रही है। किसान आसमान की तरफ बारिश के लिए टकटकी लगाए है। सिंचाई विभाग ने नहरों में पानी छोड़ा तो उसी रात कई किसानों ने पानी चोरी करना शुरू कर दिया। पानी चोरी के चलते टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है।
सिंचाई विभाग के एसडीओ उदयभान सांगवान के नेतृत्व में चोरी रोकने के लिए दो टीम बनाई गई। देर शाम टीम जिस भी माइनर पर गश्त करने निकली, उसी पर पानी चोरी होते पाया। किसान रबड़ के पाइप लगाकर पानी चोरी कर रहे थे। टीम ने जगह चिह्नित कर पानी चोरी में प्रयोग किए जा रहे साइफन पंप जब्त किए। एसडीओ का कहना है कि प्रतिदिन 40-50 चोरी पकड़ी जा रही है। चोरी करने वाले किसानों से सख्ती बरती जाएगी। आरोपियों के नाम जानने के बाद उन पर जुर्माना लगाया जाएगा व एफआईआर कराई जाएगी।
पानी चोरों पर हो कार्रवाई
पानी चोरी होने की वजह से टेल वाले गांवों को सिंचाई व पेयजल नहीं मिल पाता है। लोगों ने पानी चोरों के खिलाफ प्रशासन से सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। कई किसान विभाग के कर्मचारियों से मिलीभगत कर पानी चोरी कर रहे हैं।
फोन पर देते हैं सूचना
लोगों ने बताया कि पानी चोर फोन पर अलर्ट रहते हैं। जहां पानी चोरी किया जाना होता है, वहां एक युवक फोन पर अलर्ट रहता है। जैसे ही विभाग की गाड़ी दिखाई देती है। वह अपने साथी को सूचना दे देता है। इससे समय रहते पाइप हटा लिया जाता है।