रोहतक। क्षेत्रीय युवा उत्सव का रंगारंग आगाज वीरवार को वैश्य इंजीनियरिंग कॉलेज में धूमधाम से किया गया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने शिरकत की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में डीन स्टूडेंट वेलफेयर एमडीयू प्रो. राजकुमार ने भाग लिया। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर युवा उत्सव के शुभारंभ की औपचारिक घोषणा की।
एमडीयू के डायरेक्टर यूथ वेलफेयर डॉ. जगबीर राठी ने अपने चिर परिचित अंदाज में आगाज करते हुए समा बांधा। उन्होंने हरियाणवी बोली में गुनगुनाते हुए कहा कि गरीब ने सताइये न, बिना भूख तू खाइये न, बिना बताए जाइये न और भाई तै बैर लगाइये न। इसके बाद गीत बोल तेरे मीठे-मीठे, बात तेरी साची लागे... गीत पर युवा उत्सव में मौजूद दर्शकों को झूमने पर विवश कर दिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरूआत गणेश वंदना के साथ हुई, जिसमें छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इसके बाद देश के अलग-अलग हिस्सों के पारंपरिक नृत्यों के माध्यम से प्रतिभागियों ने दर्शकों का मनोरंजन किया। मोर बन आयो रसिया, राधा रानी हमारी पे रंग बरसे गीत पर प्रतिभागियों ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। इसके बाद पंजाब का भंगड़ा, महाराष्ट्र की लावणी, राजस्थान का घूमर, मध्य प्रदेश का लोक नृत्य दर्शकों के सिर चढ़कर बोला।
रूहानी ने लगाया हरियाणवी तड़का
कार्यक्रम के दौरान किसमे कितना है दम शो की विजेता छोटी बच्ची रूहानी ने हरियाणवी नृत्य का तड़का लगाया। रूहानी ने छोटी सी बंदड़ी, क्यों न लाया सोने की तगड़ी... हरियाणवी गीत पर अपने नृत्य के माध्यम से दर्शकों को झूमने पर विवश कर दिया। निर्णायक मंडल के सदस्य बच्ची के नृत्य को फोन में रिकॉर्ड करते नजर आए।
6 स्टेज पर 42 टीमों ने दी प्रस्तुति
युवा उत्सव में 6 मंच पर 42 टीमों ने अपनी प्रस्तुतियां दी। उत्सव के दौरान मुख्य मंच पर सामूहिक नृत्य, क्लासिकल नृत्य, मंच-दो पर सामूहिक गायन, मंच तीन पर लाइट म्यूजिक वोकल गीत, गजल, भजन, मंच चार पर काव्य पाठ अंग्रेजी, काव्य पाठ उर्दू, मंच पांच पर मेहंदी, ऑन द स्पॉट पेंटिंग एवं मंच छह पर डिक्लेमेशन संस्कृत का आयोजन किया गया। इसके साथ ही शाम के सत्र में मुख्य मंच पर हरियाणवी नाटक एवं माइम, मंच दो पर सिंग फॉर अभिभावक, शिक्षक, सोल्जर्स, मंच तीन पर क्लासिकल म्यूजिक (वोकल) और क्लासिकल म्यूजिक इंस्ट्रुमेंटल, मंच चार पर पोएटिक रेसिटेशन (हिंदी), मंच पांच पर क्ले मॉडलिंग, कार्टूनिंग एवं मंच छह पर संस्कृत श्लोक उच्चारण का आयोजन किया गया।