रोहतक। डोभ गांव के बैंक लूटकांड में वारदात के दूसरे दिन भी पुलिस के हाथ खाली हैं। हिरासत में लिए गए बैंक के सुरक्षाकर्मी व वाटर ब्वॉय को पूछताछ के बाद क्लीनचिट दे दी। उसे सीआईए टू ने पूछताछ के बाद छोड़ दिया है। पुलिस को शक है कि वारदात से पहले रेकी की गई थी। डकैतों तक पहुंचने के लिए पुलिस अब मोबाइल फोन के डंप उठाएगी, ताकि आरोपियों को पकड़ा जा सके। इसके लिए सीआईए द्वितीय ने साइबर सैल की मदद मांगी है।
पुलिस के अनुसार वीरवार को डोभ गांव स्थित एक्सिस बैंक के मैनेजर उमेश ने शिकायत दी थी कि चार माह पहले ही उसका तबादला डोभ ब्रांच में हुआ था। वीरवार दोपहर बाद 4 बजकर 35 मिनट पर उसने बैंक का पूरा कैश अंदर लॉकर में रख दिया था। 4 बजकर 57 चार नकाबपोश आए और शटर उठाकर अंदर घुस गए। पिस्तौल तानकर स्टाफ को बंधक बना लिया। इसके बाद 6 लाख 69 हजार 720 रुपये ले गए। बहुअकबरपुर थाने में डकैती का मामला दर्ज किया गया था, लेकिन अभी तक वारदात का सुराग नहीं लग सका है।
वर्जन
बैंक के सुरक्षाकर्मी व वाटर ब्वॉय को पूछताछ छोड़ दिया है। उसने कोई सुराग नहीं लग सका। अब तक की जांच में यह लग रहा है कि वारदात से पहले रेकी की गई है। साइबर सैल की मदद से पुलिस डकैती की वारदात की गुत्थी सुलझाने का प्रयास कर रही है।
आजाद सिंह नैन, प्रभारी सीआईए द्वितीय