रोहतक। 21वीं सदी की शिक्षा में प्रौद्योगिकी महत्वपूर्ण है। भविष्य डिजिटल टीचिंग-लर्निंग युग का है। हम अपनी शैक्षिक प्रणाली में डिजिटलीकरण का समावेश करें। यह उद्गार महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस एवं एप्लीकेशन विभाग के अध्यक्ष प्रो. नसीब सिंह गिल का है। वे मंगलवार को जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे।
इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजीज एनईपी 2020 ओरिएंटेशन एंड सेंसिटाइजेशन विषय पर इस फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम में प्रो. नसीब सिंह गिल ने यूज ऑफ डिस्क्रिप्टिव टेक्नोलॉजीज एंड एलएमएस फॉर ट्वेंटी सेंचुरी टीचिंग-लर्निंग विषय पर विशेष ऑनलाइन व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटलीकरण से हमारी शिक्षा प्रणाली में अहम बदलाव आया है। शिक्षा प्रणाली में आए इस बदलाव को शिक्षकों को भी अपनाना होगा। डिजिटल टीचिंग-लर्निंग के लिए खुद को तैयार करना होगा। नई शिक्षा नीति 2020 के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए इसके सही क्रियान्वयन की जानकारी दी।