24jjrp16- झज्जर। डीघल निवासी मुस्कान को सम्मानित करती राष्ट्रपति। फोटो- स्वयं
बेरी। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन( इसरो) की रोबोटिक्स चैलेंज प्रतियोगिता में गांव डीघल की मुस्कान अहलावत ने तीसरा स्थान पाया। उन्होंने रोवर तैयार किया। मुस्कान ने बताया कि रोवर में विशेष डिजाइन के छह पहिये लगे हैं, जो ऊबड़-खाबड़ जमीन पर चल सकते हैं।
रोवर एक स्थान पर खड़े होकर 360 डिग्री एंगल में घूमने में भी सक्षम है। सैंपल लेने के दौरान सामने खतरा भांप कर स्वयं दिशा बदलने में सक्षम है। रोवर वातावरण को पहचान कर उसके अनुसार प्रतिक्रिया देता है। लाइव रिकॉर्डिंग और तत्काल फोटो जनरेट करने में भी सक्षम है। यह तीन सेंटीमीटर प्रति सेकेंड की गति से चलता है। यह ऑटोनोमस तकनीक पर आधारित हैं। बटन ऑन होते ही स्वयं प्रक्रिया पूरी करता है।
राष्ट्रपति ने किया सम्मानित
राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर मुस्कान अहलावत को राष्ट्रपति ने तृतीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया। राष्ट्रपति से पुरस्कार मिलने के बाद मुस्कान अहलावत शनिवार को अपने गांव डीघल पहुंचीं। गांव में पहुंचने पर मुस्कान का ग्रामीणों ने फूलमालाओं के साथ जोरदार स्वागत किया। मुस्कान अहलावत ने बताया कि रोवर चैलेंज प्रतियोगिता की शुरुआत नवंबर 2023 में कई चरणों में हुई थी। इस प्रतियोगिता में कई विश्वविद्यालयों की टीमों ने भाग लिया था। प्रतियोगिता में भाग लेने के बाद आखिर में 10 टीम बचीं। इसरो के चेयरमैन डॉ. एस सोमनाथ के नेतृत्व में 10 टीम रोवर को लेकर बंगलूरू गई। टीम ने वहां पर रोवर को दिखाया कि चांद पर जाकर कैसे काम करेगा।
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पिता चलाते है गांव में जूते की दुकान
गांव डीघल की मुस्कान अहलावत ने 12 वीं की पढ़ाई गांव लककिया के एक निजी स्कूल से की है। नोएडा में शारदा विश्वविद्यालय से बीटेक कर रही है। पिता गांव में जूते ही दुकान चलाते हैं। मुस्कान अहलावत ने बताया कि जिस मुकाम तक आज पहुंची हूं उसका श्रेय में माता-पिता को देती हूं।