बेरी। कस्बे में आजकल बेसहारा पशुओं का आतंक इतना बढ़ गया है कि दुकानदारों व वाहन चालकों के लिए परेशानी सबक बने हुए है। ये पशु बाजारों में घुसकर दुकानदारों को परेशान करते हैं वहीं बीच सड़क पर बैठकर रास्ते को पूरी तरह से अवरुद्ध कर देते हैं। मगर नगर पालिका अधिकारी इस समस्या की तरफ कोई ध्यान नही दे रहे है। अधिकारियों की यह लापरवाही लोगों पर भारी पड़ रही है। बेरी का बाजार तो ऐसा प्रतीत होता है मानो यह बाजार ना हो कोई पशुशाला हो। सुबह-सुबह फल-सब्जी बेचने वाले दुकानदारों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ये बेसहारा पशु सारा दिन मेन बाजार, शिव चौक, बस स्टैड़, नागरिक अस्पताल के आगे घूमते रहते है। दुकानदार पंकज, ललित शर्मा, सुनील, मनीष, अमित, संदीप, वीरेंद्र, दीपक, मंदीप आदि का कहना है कि बाजार में दिनभर बेसहारा पशु घूमते रहते हैं और कई बार तो इन्हें भगाने के चक्कर ने बाईक सवार चपेट में आने का भय बना रहता है। बेरी निवासी बुजुर्ग महिला अपने मकान में जा रही थी तभी दो सांड वहां मौजूद थे। एक सांड ने बुजुर्ग महिला को पीछे से उठा दिया। जिससे बुजुर्ग महिला सड़क पर जा गिरी। सड़क पर गिरने से रीड की हड्डी में फ्रेक्चर हो गया। जिसका रोहतक के निजी अस्पताल में इलाज करवाया गया था।
वर्जन
यदि अब सड़कों पर बेसहारा पशु घूम रहे है तो उनको पकड़कर जल्द ही गौशाला में छुड़वा दिया जाएगा। आमजन व वाहन चालकों को किसी प्रकार की परेशानी नही होने दी जाएगी।
रोहित लोहचब, कनिष्ठ अभियंता, नगर पालिका बेरी।