रोहतक। मानसून सिर पर है। बारिश के पानी की निकासी के नाले गंदगी से अटे पड़े हैं। 19 जून को नालों की सफाई के बाद उनमें से निकली शिल्ट व कचरे को विभाग नहीं अब तक नहीं उठाया है। ऐसे में बारिश होने पर नाले फिर से गंदगी से अट जाएंगे। शहर के सभी नालों की शीघ्र सफाई करने की जरूरत है, क्योंकि प्री-मानसून की बारिश कभी भी हो सकती है।
शहर से बारिश के पानी की निकासी इस बार बड़ी समस्या बनती नजर आ रही है। एक जुलाई से मानसून सीजन शुरू हो जाएगा, जबकि नालों की सफाई तक नहीं हुई है। ज्यादातर नाले गंदगी से अटे पड़े हैं। लघु सचिवालय के चारों ओर के नाले कचरे से जाम हैं। बारिश में यहां से पानी की निकासी नहीं हो सकती। शीला बाईपास, दिल्ली रोड, मेडिकल मोड़़, बजरंग भवन के पास, छोटूराम चौक व पुराने शहर के अनेक नालों का भी यही हाल है। इससे सड़क बारिश में फिर से जलमग्न हो सकती है।
ड्रेन-8 में भी उगी हैं झाड़ियां
गोहाना रोड, टीबी अस्पताल के सामने, छोटूराम स्टेडियम के बाहर, झज्जर रोड जलघर के पास नाले की सफाई की गई है। सफाई के बाद शिल्ट व कचरा वहीं छोड़ दिया। बारिश से यह गंदगी दोबारा नाले में भर जाएगी, इससे नाले जाम हो जाएंगे। नतीजन पानी फिर सड़कों पर बहेगा। ऐसे में लोगों को परेशानी उठानी पड़ेगी। ड्रेन नंबर आठ के हालात भी खस्ता हैं। यहां भी झाड़ियां व जलकुंभी की बेल फैली हुई हैं। इससे बाढ़ के हालात बनने का खतरा हो बढ़ गया है।
नालों की सफाई के साथ ही ठेकेदार को कचरा उठाने के लिए बोला है। इंजीनियरिंग ब्रांच के अधिकारियों से पूछा जाएगा, कहां-कहां नाले साफ करने के बाद कचरे का उठान नहीं किया गया। छोटे नालों की सफाई कर रही नगर निगम की आठ टीमें साथ-साथ कचरा उठा रही हैं।
विजय सिंह, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम।
22सीटीके23...टीबी अस्पताल के पास नाले के किनारे पडी गंदगी। संवाद