पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (पीजीआईएमएस) की स्किल लैब में रविवार को डेंटल काॅलेज के पीजी छात्रों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयाेजन किया गया। यहां 99 विद्यार्थियों को आपात स्थिति में मरीज का जीवन बचाने के लिए लाइफ सेविंग स्किल सिखाई गई। कार्यशाला में पीजीआईएमएस निदेशक डॉ. एसएस लोहचब मुख्य अतिथि रहे। डेंटल कॉलेज प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
पीजीआई निदेशक ने कहा कि हम एक चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े हैं। इसलिए आपात स्थिति में तुरंत मरीज को राहत देने के उपाय की सही व बेहतर जानकारी होना जरूरी है। हृदयाघात होने पर तुरंत प्रभाव से संबंधित को सीपीआर देकर बचाने की पूरी जानकारी होनी चाहिए। जब तक एंबुलेंस मरीज के पास नहीं आती है, हमें उसे बचाने का हर संभव प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अच्छा चिकित्सक वही होता है, जो सदैव मरीजों की जान बचाने के लिए तत्पर रहता है। कार्यशाला आयोजन के लिए लैब प्रभारी डॉ. प्रशांत कुमार व कोर्डिनेटर डॉ. अमरीश को सराहा।
पीजीआईडीएस के प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी ने कहा कि पीजी छात्रों के इस प्रशिक्षण के चलते एक व्यक्ति की भी जान बचा पाए तो यह प्रयास सफल रहेगा। कुलपति डॉ. अनीता सक्सेना के प्रयास से संस्थान में स्किल लैब बनी है। यहां कृत्रिम अंगों पर चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। डॉ. सुरेश सिंघल ने कहा कि सीपीआर प्रक्रिया के बारे में सभी को सीखना चाहिए।
डॉ. कुंदन मित्तल ने कहा कि कई बार हमारे सामने ऐसी परेशानी आती है कि हम चिकित्सक का इंतजार नहीं कर सकते। हादसे के समय मरीज को अस्पताल तक पहुंचने में समय लगता है। रास्ते में परेशानी बढ़ने पर सीपीआर देने से मरीज की जान बचाने का प्रयास किया जा सकता है। डॉ. अमरीश भागोल ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को हार्ट अटैक आने पर वह बेसुध हो जाता है। नाड़ी धीमी पड़ने पर उसके दिमाग तक खून का संचार शून्य होने में करीब 4 मिनट का समय लगता है। इन चार मिनटों में दिए गए इलाज से किसी व्यक्ति के बहुमूल्य जीवन को बचाया जा सकता है।
संयुक्त परीक्षा नियंत्रक डॉ. अमरीश ने कहा कि कार्यशाला में 18 फैकल्टी सदस्य, सीनियर रेजिडेंट व करीब 100 पीजी छात्रों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर डॉ. कुंदन, डॉ. एसके सिंघल, डॉ. राकेश मित्तल, डॉ. सुजाता सेठी, डॉ. विरेंद्र सिंह, डॉ. राजमाला, डॉ. शशि किरण, डॉ. प्रीति उपस्थित रहे।