पीजीआई में आम आदमी को इलाज मिलना तो दूर वीआईपी भी भटक रहे हैं।
समय पर वेंटिलेटर नहीं मिलने के कारण महम विधायक आनंद सिंह दांगी के नाती की पीजीआई में डेंगू से मौत हो गई।
जनता कॉलोनी निवासी जगदीप सिंह सहकारी बैंक में असिस्टेंट मैनेजर थे। बताया गया है कि जगदीप को पांच छह दिन पहले बुखार हुआ था।
पीजीआई में उपचार के बावजूद उनकी तबियत में कोई सुधार नहीं हुआ। आखिरकार बुधवार रात 9 बजे जगदीप सिंह की पीजीआई में उपचार के दौरान मौत हो गई।
अभी पीड़ित परिवार ने फिलहाल पीजीआई प्रबंधन के खिलाफ किसी प्रकार की लापरवाही की शिकायत लिखित नहीं दी है, लेकिन विधायक ने प्रबंधन की ओर से डेंगू से निपटने के लिए यहां किए गए प्रबंधों पर बड़ा सवाल खड़ा किया है। दांगी का कहना है कि मेरे नाती की तबियत में सुधार नहीं होने पर वेंटिलेटर की मांग की गई थी, लेकिन उन्हें वेंटिलेटर नहीं मिला। यहां चौंकाने वाली बात ये है कि बृहस्पतिवार को पीजीआई के कुलपति ने बाकायदा कई अधिकारियों की मौजूदगी में प्रेसवार्ता आयोजित की थी। इस प्रेसवार्ता में उन्होंने तमाम तरह के आंकड़े प्रस्तुत किए। डेंगू को लेकर पीजीआई की व्यवस्था, आंकड़ों, चेतावनी और सावधानी संबंधित तमाम बातों को प्रस्तुत करते समय कुलपति ने इस बात का उल्लेख कहीं नहीं किया कि अब तक डेंगू से प्रभावित कितने मरीजों की मौत हो चुकी है।