रोहतक। एचएसआईआईडीसी से अपने रिहायशी प्लाटों के लिए किसानों ने वीरवार को लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। इसमें बलियाना, खरावड़, खेड़ी साध व नौनद के किसान शामिल हैं। जमीन अधिग्रहण करने के बाद दस प्रतिशत राशि जमा कराने पर भी लोगों को प्लाट नहीं मिले हैं। विभाग इनके ड्रा नहीं निकाल रहा है। इससे ग्रामीणों में रोष है। उपायुक्त ने उनकी समस्या सुनने के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
किसान पूर्ण सिंह बलियाना, संदीप व मनोज ने कहा कि किसानों को पिछले एक दशक से अधिक समय से प्लाॅट का इंतजार है। बलियाना निवासी जगमाल व नीरज ने कहा कि किसानों ने परेशान होकर सीएम विंडो व पीएम कार्यालय में भी शिकायत दी है। इसके रिमांडर भी भेजे जा चुके हैं। इसके बावजूद सुनवाई नहीं हुई है।
राशि जमा कराने के बाद भी प्लाॅट नहीं दिए जा रहे हैं। अब कोने वाले प्लाॅट नहीं देने की तैयारी की जा रही है। यह सब किसानों के साथ भेदभाव व अन्याय है। इस संबंध में उपायुक्त से मिलकर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
यह है मामला
आईएमटी विकसित करने के लिए बलियाणा, खरावड़, खेड़ी साध, नौनंद के किसानों की जमीन ली गई थी। एचएसआईआईडीसी ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की। जमीन देने वाले किसानों को यहां प्लाॅट अलॉट होने थे। इसके लिए तृतीय फेस आईएमटी के किसानों का रिहायशी प्लाॅट का ड्रा निकलना शेष है। किसानों को इसके लिए वर्ष 2013 से इंतजार है। विभाग ने किसानों की ओर से 10 प्रतिशत की राशि प्लाॅट की किश्त के रूप में जमा कराने के बाद भी ड्रा नहीं निकाला है। इस मुद्दे को लेकर ग्रामीण काफी समय से संघर्षरत हैं।