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Rohtak News: जब्त कार लेने अदालत पहुंचे डीईईओ, मिली 26 मई की तारीख

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रोहतक। शिक्षा विभाग के सेवानिवृत्त अध्यापक सूरत सिंह मलिक की पेंशन संबंधी भुगतान मामले में शुक्रवार को अदालत में सुनवाई हुई।
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जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (डीईईओ) अपनी गाड़ी छुड़वाने के लिए सिविल जज अभिमन्यु राजपूत की अदालत में खुद पहुंचे। यहां हाजिरी लगने के साथ अगली सुनवाई के लिए उन्हें 26 मई की तारीख मिली। चाणक्यपुरी निवासी सूरत सिंह मलिक के अधिवक्ता रजनीश सुंदरपुर ने कहा कि शुक्रवार को अपनी गाड़ी छुड़ाने के लिए डीईईओ खुद अपने वकील व एडीए के साथ अदालत में पेश हुए। यहां अदालत से गाड़ी छोड़ने की बात कहते हुए पेमेंट कर दिए जाने का वादा किया। इस पर शिकायतकर्ता की ओर से अदालत में पहले पहले राशि का भुगतान करने फिर गाड़ी छोड़ने की अपील की। इस पर अदालत ने भुगतान के लिए समय देने की बात कहते हुए 26 मई के लिए केस सुनवाई के लिए तय किया। इस बीच अधिकारी मुख्यालय जाकर राशि के भुगतान संबंधी मामले का समाधान तलाशेंगे।
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यह था मामला
चाणक्यपुरी निवासी सूरत सिंह मलिक वर्ष 2011 में सेवानिवृत्त हुए। कर्मचारी की सेवानिवृत्ति पर शिक्षा विभाग ने उसके पेंशन लाभ रोक दिए। इसकी वजह उनके खिलाफ चल रही शिकायतों की जांच बताई गई। इससे आहत होकर सेवानिवृत्त शिक्षक ने अदालत में गुहार लगाई। हाईकोर्ट ने भी केस की सुनवाई करते हुए फैसला शिक्षक के पक्ष में दिया था। इसके बावजूद शिक्षा विभाग ने उसका पेंशन लाभ रोके रखा। काफी समय बाद शिक्षा विभाग ने सेवानिवृत्त शिक्षक को उसकी पेंशन राशि अदा कर दी। जबकि इस दौरान पेंशन राशि का 3.20 लाख रुपये का ब्याज नहीं दिया। इसके लिए फिर से अदालत में अपील की। अधिवक्ता रजनीश सुंदरपुर ने बताया कि अदालत ने केस की सुनवाई हुई। डीईईओ गाड़ी छुड़ाने के लिए खुद अदालत में पेश हुए। विभाग की ओर से राशि का भुगतान नहीं किए जाने के चलते गाड़ी नहीं छोड़ी गई है। इस मामले में अगली सुनवाई 26 मई को होगी।
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