माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। नगर निगम में कुछ ठीक नहीं चल रहा है। शुक्रवार सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री उड़नदस्ता निगम की प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में पहुंचा और शाम 5 बजे तक रिकाॅर्ड खंगाला। जांच टीम को छह प्राॅपर्टी आईडी में गड़बड़ी की आशंका है, जिसका रिकाॅर्ड नहीं मिल सका है। वहीं टैक्स ब्रांच समेत अन्य जगह सीसीटीवी भी बंद मिले। अब शनिवार को भी उड़नदस्ता प्रॉपर्टी आईडी की छानबीन कर सकता है।
सुबह करीब 11 बजे इंस्पेक्टर दिनेश ढाका के नेतृत्व में टीम निगम कार्यालय में पहुंची। सबसे पहले टीम प्रॉपर्टी टैक्स इंस्पेक्टर आनंद के कमरे में गई, जहां काफी देर तक कंप्यूटर पर रिकाॅर्ड की छानबीन की। डीएमसी जितेंद्र कुमार को भी बुलाया गया। इसके बाद टीम डीएमसी के कार्यालय में भी पहुंचे। शाम 5 बजे तक रिकाॅर्ड की जांच चलती रही।
टीम छह प्रॉपर्टी आईडी का रिकाॅर्ड देखना चाहती थी, लेकिन रिकाॅर्ड नहीं मिल सका। ऐसे में शनिवार को भी टीम निगम कार्यालय में जा सकती है। टीम में शामिल मंदीप गिल ने बताया कि अभी छानबीन चल रही है। ऐसे में बीच में कुछ कहना उचित नहीं होगा। उधर, नगर निगम के अधिकारी डीएमसी जितेंद्र कुमार का कहना है कि उनको केवल बुलाया गया था। प्रॉपर्टी आईडी के बारे में छानबीन चल रही है। इससे ज्यादा उनको कुछ पता नहीं है।
भ्रष्टाचार को लेकर होती रही है निगम में कार्रवाई
नगर निगम में पहले भी भ्रष्टाचार के मामले सामने आ चुके हैं। विजिलेंस निगम के एटीपी से लेकर डाटा इंट्री ऑपरेटर को गिरफ्तार कर चुकी है, साथ ही जिला पुलिस दो पटवारियों को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार कर चुकी है।
कर्मचारी से पूछा, सीसीटीवी कैमरे क्यों नहीं चल रहे, बोला- पासवर्ड नहीं बता
जांच टीम ने एक कर्मचारी से पूछा कि टैक्स ब्रांच में लगे सीसीटीवी कैमरे क्यों नहीं चल रहे। कर्मचारी ने कहा कि उसको पासवर्ड पता नहीं है। इससे पहले भी टैक्स ब्रांच के रिकाॅर्ड रूम का सीसीटीवी कैमरा भी फाइलों के पीछे छुपाने का मामला सामने आ चुका है।
काउंटर पर पहुंचकर टीम ने पूछा, कैसे करेंगे दिक्कत दूर
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने प्रॉपर्टी आईडी ठीक करने से लेकर फाइल जमा होने की प्रक्रिया गहराई से जानी। काउंटर पर पहुंचकर पूछा, किस फाइल की त्रुटि कैसे दूर करेंगे, साथ ही कर्मचारियों से भी पूछताछ की।
टैक्स ब्रांच से पुराने कर्मचारियों की छुट्टी, चंद ही बचे
विजिलेंस ने निगम की टैक्स ब्रांच के डाटा इंट्री ऑपरेटर को काबू किया था। उसके बाद निगम के आला अधिकारियों ने टैक्स ब्रांच में लंबे समय से जमे कर्मचारियों को बदलने का निर्णय लिया है, लेकिन योजना सिरे नहीं चढ़ सकी। अब ऐसे कर्मचारियों को बदल दिया है। तीन-चार ही बचे हुए हैं।