फोटो: 15 सीटीके 14 व 15
- प्रदेश के विभिन्न जिलों से अब तक मिल चुके हैं 18 पुतले बनाने के ऑर्डर, सोनीपत में 65 फिटर का सबसे ऊंचा रावण होगा
तुषार शर्मा
रोहतक। दशहरा पर्व को लेकर तैयारियों जोरों पर है। इसी कड़ी में रामलीला मंचन व रावण के पुतले बनाने का काम भी शुरू हो गया है। इस बार प्रदेश के 10 से ज्यादा जिलों के रावण के 18 पुतले रोहतक में बनेंगे। इस बारे में पुतला बनाने वालों को काम मिल गया है। यह काम आने वाले कुछ दिनों और बढ़ने की उम्मीद है। सबसे ऊंचा रावण सोनीपत के लिए 65 फीट का बनाया जाएगा।
दशहरा पर्व पर रावण दहन के लिए रोहतक में विभिन्न जिलों के लिए पुतले बनाए जा रहे हैं। रोहतक के बड़े बाजार में रहने वाला राजकुमार उर्फ राजू अपने परिवार के साथ रावण के पुतले बनाने में जुटा हुआ है। समय पर रामलीला मंचन कमेटियों को पुतले मुहैया कराने के लिए यह पूरा परिवार काम में जुटा है। इन्हें दो फीट से 65 फीट तक के पुतले बनाने हैं। इसके बाद इन्हें संबंधित जिलों में पहुंचाना है।
बाबरा मोहल्ला निवासी राजकुमार उर्फ राजू ने बताया कि रावण के पुतले परिवार की आजीविका का सहारा है। दशहरे से पहले का यह समय परिवार के लिए खास रहता है। इस समय में परिवार का हर सदस्य अपना सहयोग करता है। हमें अब तक 18 पुतले बनाने का काम मिला है। नवरात्र पर्व शुरू होने से पहले पुतले बनकर तैयार हो जाएंगे।
सोनीपत के लिए बन रहा सबसे ऊंचा रावण
रोहतक में सोनीपत, झज्जर, रेवाड़ी, सिरसा, कैथल, गुरूग्राम, फरीदाबाद व अन्य जिलों के लिए रावण के पुतले तैयार हो रहे हैं। इसमें अब तक का सोनीपत के लिए सबसे ऊंचा 65 फीट का पुतला बनाने का ऑर्डर मिला है। ज्यादातर पुतले 25 से 30 फीट के हैं। बच्चों के लिए दो फीट के छोटे पुतले हैं। कोरोना काल के बाद से इस वर्ष पुतला कारोबार से जुड़े परिवार को काम में कुछ तेजी आने की उम्मीद नजर आ रही है। उन्हें 25 पुतले बनाने तक का ऑर्डर मिलने की उम्मीद है।