रोहतक। शहर के बाहरी एरिया में दिल्ली रोड पर तीन हजार एकड़ में फैले औद्योगिक एरिया आईएमटी की सुरक्षा सवालों के घेरे में है। व्यवस्था की पड़ताल दूसरों को रोशनी देने के लिए लगाए 40 प्रतिशत पोल खुद ही अंधेरे की आगोश में नजर आए। साथ ही पुलिस भी किसी चौक और चौराहे पर नजर नहीं आई।
2009 में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बोहर, बलियाना व खेड़ी साध की सीमा में औद्योगिक एरिया चयनित किया गया। समय के साथ विकसित हो रही आईएमटी में अब तक 60 से ज्यादा औद्योगिक इकाई आ चुकी हैं। इसमें जापान, कोरिया के टाटा स्टील, मारुति सुजुकी, एशियन पेंट के अलावा अन्य बड़ी-बड़ी अंतराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर की कंपनियों की इकाई हैं। एसएचआईडीसी के रिकाॅर्ड के मुताबिक आईएमटी में 1200 स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं, जिनके संचालन का कार्य ठेके पर दिया गया हुआ है।
अमर उजाला टीम ने आईएमटी का भ्रमण किया तो बोहर की तरफ जाने वाली सड़क, ओमेक्स सिटी के गेट से पावर हाउस के गोल चक्कर तक आने वाली मार्ग की लाइट बंद दिखी। सुपर गैस के पास पूरा रोड अंधेर में डूबा मिला। हालांकि खेड़ी साध की तरफ स्ट्रीट लाइट जलती मिली। एक अनुमान के मुताबिक 40 स्ट्रीट लाइट पोल खराब हैं या बंद किए गए हैं।
15 किलोमीटर के दायरे में मात्र दो ईवीआर, किसी चौक पर नहीं दिखी पुलिस
आईएमटी थाना एरिया में दो ईवीआर दी गई हैं, जबकि एरिया रोहतक से लेकर सोनीपत रोड पर 15 किलोमीटर दूर हुमायूंपुर गांव तक फैला है। एक गाड़ी शहर के एरिया में रहती है, जबकि एक गाड़ी गांवों में रहती है। किसी चौक व चौराहें पर वीरवार की रात को केवल आईएमटी से बोहर की तरफ जाती पुलिस की एक गाड़ी दिखाई दी। बाकी एरिया में 40 मिनट कहीं पुलिस नहीं दिखी।
आईएमटी एरिया की सुरक्षा की समीक्षा की जाएगी। इसके लिए तीन अक्तूबर को आईएमटी थाने में उद्योगपति के साथ पुलिस के आला अधिकारी बैठक करेंगे।
सन्नी सिंह, इंचार्ज सिक्योरिटी ब्रांच, एसपी कार्यालय
आईएमटी में 1400 स्ट्रीट लाइट पोल हैं, जिनके संचालन का कार्य ठेके पर दिया हुआ है। मुझे बताया गया है कि 90 प्रतिशत लाइट चालू हालत में हैं। अगर ज्यादा लाइट बंद हैं तो जिम्मेदार एजेंसी से जवाब मांगा जाएगा।
अशोक यादव, कार्यकारी अभियंता, हरियाणा राज्य औद्योगिक और बुनियादी ढांचा विकास निगम (एचएसआईडीसी)